IMD के अनुसार, भारत के 70% हिस्से में मानसून कमजोर पड़ गया है। उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं हुई हैं।
जम्मू-कश्मीर में सड़क बही, उत्तराखंड के हाइड्रो प्रोजेक्ट में मलबे में दबीं मशीनें; कई राज्यों में बारिश थमी तो बढ़ी गर्मी और उमस
देशभर में मानसून का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, देश के करीब 70 प्रतिशत हिस्से से मानसून के बादल गायब हो गए हैं, जिससे राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में अगले पांच दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना कम है। बारिश थमने से उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान और उमस बढ़ गई है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हालांकि पहाड़ी राज्यों में बारिश अब भी कहर बरपा रही है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम और अनंतनाग में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे सड़क का एक हिस्सा बह गया। वहीं उत्तराखंड के विकासनगर स्थित लखवाड़ हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड हो गई। हादसे में कई वाहन और भारी मशीनें मलबे में दब गईं।
उत्तराखंड-हिमाचल में सबसे ज्यादा असर
लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन की कई घटनाएं हुई हैं। दोनों राज्यों में करीब 440 सड़कें बंद हो गई हैं। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से घाट डूब गए हैं, जबकि ऋषिकेश में गंगा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने और घाटों पर स्नान न करने की अपील की है।
मैदानी इलाकों में बढ़ा नदियों का जलस्तर
पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। प्रयागराज, ऋषिकेश और अन्य क्षेत्रों में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वहीं जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी में पानी बढ़ने के बाद सलाल डैम के कई गेट खोल दिए गए, ताकि जलस्तर नियंत्रित रखा जा सके।
बिहार और पूर्वोत्तर में भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। बिहार के कई जिलों में सड़कों और अस्पताल परिसरों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। राज्य के 19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
क्यों कमजोर पड़ा मानसून?

आईएमडी के अनुसार, 9 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में कोई नया मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बना, जिससे मानसूनी हवाओं को पर्याप्त नमी नहीं मिल सकी। साथ ही मानसून ट्रफ भी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। इसी वजह से मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं।
अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के दोबारा पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना कम है। राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में गर्मी और उमस बनी रह सकती है। वहीं उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।