बंगाल चुनाव के बीच EVM में BJP का बटन गायब होने का आरोप गरमाया। वीडियो सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने री-वोटिंग का संकेत दिया। जानें पूरा विवाद और असर।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि कुछ बूथों पर EVM मशीन में BJP को वोट देने का विकल्प ही नजर नहीं आया। कोलकाता और डायमंड हार्बर क्षेत्र से सामने आए वीडियो ने इस मुद्दे को और भड़का दिया। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने खुद इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया।
चुनाव आयोग ने अब इस पर प्रतिक्रिया दी है। साफ कहा गया है कि जहां गड़बड़ी साबित होगी, वहां दोबारा वोटिंग कराई जाएगी। सवाल अब सिर्फ तकनीकी नहीं, भरोसे का भी है।
EVM पर टेप, वोटर के अधिकार पर सवाल
बीजेपी का आरोप सीधा है कि कुछ बूथों पर कमल के निशान वाले बटन पर टेप लगा दिया गया। इससे मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार को चुन ही नहीं पाए। फाल्टा के हरिणडांगा हाई स्कूल बूथ का मामला सबसे पहले सामने आया। वहां वोट डालने पहुंचे लोगों ने दावा किया कि मशीन में BJP का विकल्प ब्लॉक था। अगर ये आरोप सही निकलते हैं, तो यह सिर्फ तकनीकी गलती नहीं बल्कि चुनावी प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
अमित मालवीय का हमला, ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ पर घेरा
अमित मालवीय ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग भी दिया। उन्होंने इसे “डायमंड हार्बर मॉडल” बताते हुए TMC पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि इसी तरह की रणनीति पहले भी इस्तेमाल हुई, जिससे चुनावी नतीजों को प्रभावित किया गया। उन्होंने प्रभावित बूथों पर तुरंत री-वोटिंग की मांग की। मालवीय ने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वे विवादित चेहरों का समर्थन कर रही हैं।
चुनाव आयोग की सफाई
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अगर किसी EVM में बटन पर टेप या गड़बड़ी पाई जाती है, तो जांच के बाद वहां दोबारा मतदान कराया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब कई बूथों से शिकायतें सामने आ चुकी हैं। आयोग ने संकेत दिया कि हर शिकायत को रिकॉर्ड कर जांच की जाएगी।
इस कदम से चुनाव की पारदर्शिता बनाए रखने की कोशिश दिखती है, लेकिन सवाल यह है कि नुकसान की भरपाई कितनी हो पाएगी।
वोटिंग जारी, लेकिन भरोसे पर असर
दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान जारी है और सुबह 11 बजे तक करीब 40% वोटिंग दर्ज हुई। कई जिलों में मतदान तेज रहा, लेकिन इस विवाद ने माहौल बदल दिया। डायमंड हार्बर सीट पर मुकाबला पहले से ही कड़ा है। ऐसे में EVM विवाद का सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। आम मतदाताओं के लिए यह सिर्फ एक तकनीकी खबर नहीं है। यह उनके वोट की ताकत और सिस्टम पर भरोसे से जुड़ा मुद्दा बन चुका है।