पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के बाद इंदौर में जश्न, कैलाश विजयवर्गीय भावुक हुए। कार्यकर्ताओं के बलिदान, आरोपों और संघर्ष पर खुलकर बोले।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक बढ़त के बाद मध्य प्रदेश के इंदौर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार जश्न मनाया। बीजेपी कार्यालय पर पटाखे फोड़े गए और जीत का उत्साह साफ दिखाई दिया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मीडिया से बातचीत करते हुए भावुक नजर आए।
विजयवर्गीय ने इस जीत को केवल राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि 'दमनकारी शासन के अंत की शुरुआत' बताया। उन्होंने अपने संघर्ष, कार्यकर्ताओं के बलिदान और पिछले वर्षों में झेले गए आरोपों को याद करते हुए कहा कि यह जीत कई मायनों में खास है।
इंदौर में जश्न, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
बंगाल में बीजेपी की बढ़त के बाद इंदौर स्थित पार्टी कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की। ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न मनाया गया। स्थानीय नेताओं और पदाधिकारियों ने इसे ऐतिहासिक पल बताया और कहा कि यह परिणाम पार्टी के लंबे संघर्ष का नतीजा है।
'झूठे आरोपों से गुजरना पड़ा कठिन दौर'
मीडिया से चर्चा में विजयवर्गीय ने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा साझा करते हुए कहा, 'आप मेरी खुशी और इन आंसुओं की वजह को समझ नहीं सकते। राजनीतिक मतभेद अलग बात है, लेकिन बंगाल में जिस तरह मुझे निशाना बनाया गया, वह असहनीय था। मुझ पर बलात्कार जैसे गंभीर और झूठे आरोप लगाए गए, ताकि मेरा मनोबल तोड़ा जा सके। पिछले छह वर्षों में मैंने जो मानसिक पीड़ा झेली है, वह मैं ही जानता हूं। ये आंसू कमजोरी के नहीं, बल्कि अन्याय पर मिली जीत की खुशी के हैं।'
कार्यकर्ताओं के बलिदान को बताया असली ताकत
विजयवर्गीय ने कहा कि बंगाल में बीजेपी के लिए काम करना बेहद जोखिम भरा था। उनके अनुसार, 300 से अधिक कार्यकर्ताओं की हत्या की गई और कई को प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यह जीत उन सभी कार्यकर्ताओं को समर्पित है, जिन्होंने पार्टी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
तीन दशक बाद निष्पक्ष चुनाव का दावा
चुनाव प्रक्रिया पर बोलते हुए उन्होंने इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया। उनका कहना था कि करीब 30 वर्षों बाद पहली बार बंगाल में मतदाता बिना डर के वोट डाल पाए। उन्होंने दावा किया कि पहले जहां बूथ पर बैठने के लिए कार्यकर्ता नहीं मिलते थे, वहीं इस बार जनता ने खुलकर समर्थन दिया।
मोदी-शाह के नेतृत्व और विकास का जिक्र
विजयवर्गीय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि 2014 के बाद देश में तेजी से विकास हुआ है, जिसका असर अब बंगाल में भी दिख रहा है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति पहले से अधिक सशक्त हुई है। उनके अनुसार, यह जीत 'विकसित भारत' के लक्ष्य की दिशा में अहम कदम है।
भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था पर हमला
विजयवर्गीय ने बंगाल सरकार पर भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं का अपमान हुआ और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई। उनका दावा है कि अब ऐसे मामलों में कार्रवाई होगी और दोषियों को सजा मिलेगी।
सांसद और महापौर ने भी जताई प्रतिक्रिया
इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि बंगाल की जनता बदलाव चाहती थी और लंबे समय से जारी ‘जंगलराज’ अब खत्म होने की ओर है। वहीं, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भरोसा जताया कि बीजेपी बंगाल में सरकार बनाएगी और यह परिणाम एक नए राजनीतिक इतिहास की शुरुआत साबित होगा।