बॉलीवुड के कॉमेडियन एक्टर राजपाल यादव चेक बाउंस केस में भावुक हुए। कोर्ट ने 30 दिन का समय देने से इनकार किया। यादव पर करोड़ों की रकम अब भी बाकी।
दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को एक चौंकाने वाला पल आया। सुनवाई के दौरान राजपाल यादव अचानक भावुक हो गया। दरअसल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव पेश हुए। उन्होंने कोर्ट में अपनी बात रखते हुए ऐसा बयान दिया। जिसने सभी को चौंका दिया। लेकिन अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि अब और समय नहीं मिलेगा।
कोर्ट का सख्त रुख, 30 दिन की मोहलत ठुकराई
सुनवाई के दौरान एक्टर ने बकाया रकम चुकाने के लिए 30 दिन का समय मांगा था। लेकिन कोर्ट ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा 'नहीं मतलब नहीं। अगर भुगतान करना है तो देरी क्यों?' न्यायालय ने यह भी सवाल उठाया कि जब भुगतान करने की इच्छा है। तब मामला अभी तक लंबित क्यों है। अदालत के इस रुख से साफ हो गया कि अब देरी की गुंजाइश नहीं बची है।
सुनवाई के दौरान भावुक हुए राजपाल
कार्यवाही के दौरान राजपाल यादव काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, 'मैं भावुक नहीं हूं… मुझे पांच बार और जेल भेज दो।' उनका यह बयान उस दबाव और हालात को दर्शाता है, जिससे वे इस समय गुजर रहे हैं।
शिकायतकर्ता का दावा
शिकायतकर्ता पक्ष ने कोर्ट में बताया कि राजपाल यादव पर अब भी करीब 7.75 करोड़ रुपए बकाया हैं। वकील अवनीत सिंह सिक्का ने दलील दी कि सजा पूरी कर लेने से वित्तीय जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। कोर्ट ने वन-टाइम सेटलमेंट का विकल्प भी टटोला और संकेत दिया कि अगर कम समय में 6 करोड़ रुपए दिए जाते हैं, तो मामला सुलझ सकता है।
मामला क्या है और कैसे बढ़ा विवाद
यह मामला साल 2010 का है। जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए एक प्राइवेट कंपनी से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वे समय पर कर्ज नहीं चुका सके। लोन के बदले दिए गए चेक बाउंस हो गए। जिसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। समय के साथ ब्याज जुड़ता गया और कर्ज की राशि कई गुना बढ़ गई।
पहले भी मिल चुकी है राहत
साल 2018 में ट्रायल कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए छह महीने की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जहां कई बार उन्हें राहत मिली। लेकिन फरवरी 2026 में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया।
राजपाल यादव ने 5 फरवरी को सरेंडर किया था और करीब 12 दिन जेल में रहने के बाद 1.5 करोड़ रुपए जमा करने की शर्त पर अंतरिम जमानत मिली थी। अब इस पूरे मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।