मध्य प्रदेश में होमगार्ड प्लाटून कमांडर भर्ती प्रक्रिया को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया। नियमों के उल्लंघन पर कोर्ट ने दोबारा विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए।
जबलपुर। मध्य प्रदेश में होमगार्ड भर्ती को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। जबलपुर हाईकोर्ट ने प्लाटून कमांडर की चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं।
कोर्ट ने प्रक्रिया को बताया दूषित
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की एकलपीठ ने यह आदेश जारी किया। न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी ने सुनवाई के दौरान प्रक्रिया पर सवाल उठाए। कोर्ट ने चयन प्रक्रिया को नियमों के खिलाफ और दूषित माना।
परीक्षा से पहले ही अभ्यर्थियों को किया बाहर
याचिका में आरोप लगाया गया कि लिखित और शारीरिक परीक्षा से पहले ही उम्मीदवारों को बाहर कर दिया गया। स्क्रीनिंग कमेटी ने नियमों का पालन किए बिना कुछ अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित कर दिया। इस कारण कई उम्मीदवार परीक्षा में शामिल ही नहीं हो सके।
याचिकाकर्ता ने उठाए नियमों पर सवाल
जबलपुर निवासी सविनय कुमार गर्ग की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट में पक्ष रखा। दलील दी गई कि भर्ती प्रक्रिया मप्र नगर सेना वर्ग-तीन भर्ती नियम, 2000 के तहत होनी थी। लेकिन निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
पद और आवेदन की स्थिति
प्लाटून कमांडर के कुल 199 स्वीकृत पद बताए गए हैं। इनमें से कुछ पद इन-सर्विस उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होते हैं। चार पदों के लिए जारी विज्ञापन पर 24 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था।
परीक्षा से पहले जारी हुई सूची
जानकारी के मुताबिक 16 मार्च को शारीरिक परीक्षा और 17 मार्च को लिखित परीक्षा होनी थी। लेकिन 13 मार्च को ही पात्र उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी गई। इसी को लेकर पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए।
हाईकोर्ट के निर्देश
कोर्ट ने पूरी चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। साथ ही विभाग को नए सिरे से विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए हैं। अब भर्ती प्रक्रिया दोबारा नियमों के तहत शुरू की जाएगी।