मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सिस्टर ट्यूटर भर्ती के परिणाम पर अंतरिम रोक लगाई। 218 पदों की सीधी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल, अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी।
मध्य प्रदेश में सिस्टर ट्यूटर पदों पर होने वाली नियुक्तियों को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने भर्ती प्रक्रिया के परिणाम घोषित करने पर अंतरिम रोक लगा दी है।
23 अप्रैल को अगली सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायाधीश विनय सराफ की युगलपीठ ने यह आदेश जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता रानू हरिंखेडे सहित 30 नर्सिंग अधिकारियों की ओर से दायर याचिका में भर्ती नियमों में किए गए संशोधन को चुनौती दी गई है।
अधिवक्ता साहिल बिल्ला ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा (गैर-राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम, 2023 में बदलाव करते हुए पदोन्नति के जरिए भर्ती को 10% तक सीमित कर दिया है।
अब 90% पदों पर सीधी भर्ती
संशोधित नियमों के अनुसार, अब 90% पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी, जबकि पहले यह अनुपात उल्टा था—90% पद पदोन्नति और 10% सीधी भर्ती से भरे जाते थे।
218 पदों पर निकली भर्ती पर सवाल
याचिका में यह भी बताया गया कि मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड ने लंबित याचिका के बावजूद सिस्टर ट्यूटर के 218 पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया।
कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल भर्ती के परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी है। अब इस मामले में अंतिम निर्णय अगली सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।