वैश्विक संकेतों के चलते शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा उछला और निफ्टी 22,800 के पार पहुंचा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूत बढ़त दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को मजबूत शुरुआत देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,000 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी 22,800 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर पहुंच गया।सुबह करीब 9:17 बजे, सेंसेक्स 1,014 अंक यानी 1.40% की बढ़त के साथ 73,741 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 297 अंकों की तेजी के साथ 22,819 के आसपास पहुंच गया।
SMID शेयरों में जबरदस्त खरीदारी
व्यापक बाजार में भी तेजी का माहौल रहा.निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में करीब 1.84% की बढ़त दर्ज की गई. निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 1.64% ऊपर रहा विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशकों का रुझान बड़े शेयरों के साथ-साथ मिड और स्मॉलकैप कंपनियों की ओर भी बढ़ा है, जिससे बाजार की चौड़ाई मजबूत हुई है।
ऑटो और बैंकिंग में तेजी
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निफ्टी ऑटो लगभग 2% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा
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पीएसयू बैंक और मेटल सेक्टर में भी खरीदारी देखी गई
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वहीं आईटी सेक्टर अपेक्षाकृत कमजोर रहा और सीमित बढ़त दर्ज की
वैश्विक संकेतों का असर
बाजार में तेजी का मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर तनाव में कमी माना जा रहा है। अमेरिका द्वारा ईरान के बिजली ढांचे पर प्रस्तावित हमलों को टालने से निवेशकों की चिंता कम हुई है।एशियाई बाजारों में मजबूती , जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1% से अधिक चढ़े, अमेरिकी बाजारों में भी तेजी, डॉव जोन्स 1.38% ऊपर बंद, S&P 500 में 1.15% की बढ़त, नैस्डैक 1.4% चढ़ा.
कच्चे तेल और कमोडिटी बाजार का रुख
मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखी गई। ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा सोना और चांदी के वायदा भाव में गिरावट दर्ज की गई, सोना लगभग 2% नीचे, चांदी में 3.6% की गिरावट, कमोडिटी कीमतों में यह गिरावट भी इक्विटी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
निवेशकों का बढ़ा भरोसा
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव में कमी और वैश्विक बाजारों की मजबूती से निवेशकों का भरोसा लौटा है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, इसलिए आगे उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। फिलहाल, बाजार का रुख सकारात्मक बना हुआ है और निवेशक वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं।