भारत और ऑस्ट्रिया के बीच व्यापार, निवेश और रक्षा क्षेत्र में 6 अहम समझौते हुए। निवेश बढ़ाने के लिए फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म भी स्थापित किया गया।
नई दिल्ली: भारत और ऑस्ट्रिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा और अंतरिक्ष समेत कई अहम क्षेत्रों में छह महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौते ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर की भारत यात्रा के दौरान हुए, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल रहे।
निवेश बढ़ाने के लिए फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म
दोनों देशों ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक ‘फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म’ स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था के तहत भारतीय और ऑस्ट्रियाई कंपनियों के लिए निवेश प्रक्रिया को तेज और आसान बनाया जाएगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने और पूंजी प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है।
खाद्य सुरक्षा और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
खाद्य सुरक्षा और मानकों को लेकर भी एक अहम समझौता किया गया है। इससे कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में सहयोग बढ़ेगा और दोनों देशों के बीच व्यापार को नई गति मिल सकती है। भारत और ऑस्ट्रिया ने रक्षा और तकनीकी सहयोग को भी मजबूत करने पर सहमति जताई है। इस दिशा में लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे सैन्य तकनीक और रक्षा उद्योग में साझेदारी बढ़ेगी।
अंतरिक्ष और मीडिया क्षेत्र में नई पहल
दोनों देशों ने अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए 2026 में वियना में संयुक्त सेमिनार आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा ऑडियो-विजुअल और मीडिया को-प्रोडक्शन के क्षेत्र में भी समझौता हुआ है, जिससे फिल्म और कंटेंट इंडस्ट्री को फायदा हो सकता है। युवाओं के लिए ‘वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम’ शुरू करने की घोषणा की गई है, जिससे दोनों देशों के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिलेगा। साथ ही संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना से जुड़े संस्थानों के बीच भी सहयोग बढ़ाया जाएगा।
रणनीतिक संबंधों में नया अध्याय
विशेषज्ञों के अनुसार, ये समझौते भारत और ऑस्ट्रिया के बीच आर्थिक और सामरिक संबंधों को नई दिशा देंगे। खासतौर पर निवेश और रक्षा क्षेत्र में सहयोग आने वाले समय में दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।