आज बाजार में सोना 3263 तो चांदी में 13 हजार गिरावट हुई है। वहीं, 34 दिन में रिकॉर्ड टूटते हुए 16 हजार सस्ता, चांदी 42 हजार सस्ती हुई। ईरान जंग और बाजार के दबाव से कीमतें लगातार नीचे आईं।
मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच बाजार ने अचानक करवट ली है। जहां आमतौर पर युद्ध के समय सोना-चांदी महंगे होते हैं, इस बार तस्वीर उलटी दिख रही है। कीमतों में तेज गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है।
एक दिन में भारी गिरावट
गुरुवार को सोने और चांदी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना ₹5346 टूटकर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी ₹15176 गिरकर ₹2.25 लाख प्रति किलो रह गई। पिछले दिन के मुकाबले यह गिरावट काफी तेज मानी जा रही है।
34 दिन में कितना सस्ता हुआ सोना-चांदी
बीते एक महीने में कीमती धातुओं में लगातार गिरावट का ट्रेंड बना हुआ है। सोना जहां करीब 13590 तक सस्ता हुआ जो ऑल टाइम हाई से करीब 31000 नीचे गया है। वहीं, चांदी करीब 42040 की गिरावट दर्ज की गई है। यह हाई से 1.61 लाख तक टूट चुकी है।
ऑल टाइम हाई से अब कहां पहुंची कीमत
कुछ ही हफ्तों पहले बाजार बिल्कुल अलग तस्वीर दिखा रहा था। सोना 29 जनवरी 2026 को 1.76 लाख (ऑल टाइम हाई) पर पहुंचा था जो अब ₹1.46 लाख पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 29 जनवरी 2026 को 3.86 लाख रुपये पहुंचा जो अब अब 2.25 लाख रुपये पहुंचा। यानी दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर से तेज गिरावट दर्ज की है।
क्यों आ रही है इतनी गिरावट?
1. कैश की डिमांड बढ़ी- जंग के माहौल में निवेशक जोखिम कम करने के लिए गोल्ड-सिल्वर बेचकर नकदी बढ़ा रहे हैं।
2. मुनाफावसूली- जनवरी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दामों पर बड़े निवेशकों ने भारी बिकवाली की।
3. ब्याज दरों का असर- अमेरिका में सख्त मौद्रिक नीति के कारण निवेशक सोना-चांदी से दूरी बना रहे हैं।
लोकल लेवल पर भी असर
कीमतें सिर्फ इंटरनेशनल फैक्टर से ही नहीं, बल्कि लोकल कारणों से भी प्रभावित होती हैं। इसमें शहरों के बीच ट्रांसपोर्ट और सिक्योरिटी खर्च, अलग-अलग राज्यों में डिमांड का फर्क, ज्वेलर्स के पुराने स्टॉक की कीमत और स्थानीय एसोसिएशन की रेट तय करने की भूमिका होती है।
बाजार में क्या संकेत मिल रहे
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, फिलहाल बाजार में दबाव बना हुआ है और कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।