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EPFO Amnesty Scheme 2026 Eligibility

EPFO Amnesty Scheme 2026 में कौन कर सकता है आवेदन, जानें पूरी डिटेल

EPFO Amnesty Scheme 2026 से निजी PF ट्रस्ट चलाने वाली संस्थाओं को छह महीने में स्थिति सुधारने का मौका मिलेगा। जानिए योजना के नियम और मिलने वाली राहत।


epfo amnesty scheme 2026 में कौन कर सकता है आवेदन जानें पूरी डिटेल

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एम्पलॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने निजी भविष्य निधि ट्रस्ट चलाने वाली संस्थाओं के लिए एक बड़ी राहत योजना शुरू की है। इस योजना के जरिए उन कंपनियों को अपना PF ट्रस्ट स्टेटस नियमित कराने का मौका मिलेगा जिनके पास अभी तक जरूरी छूट की औपचारिक मंजूरी नहीं है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने Amnesty Scheme 2026 की शुरुआत की है। यह योजना छह महीने तक लागू रहेगी और इसका उद्देश्य PF ट्रस्ट से जुड़े पुराने अनुपालन मामलों को व्यवस्थित करना है। श्रम मंत्रालय के अनुसार यह कदम आयकर कानून और EPF अधिनियम के नियमों के बीच तालमेल बनाने के लिए उठाया गया है।

स्कीम से किन संस्थाओं को मिलेगा मौका

यह योजना उन संस्थानों के लिए लाई गई है जो आयकर अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त PF ट्रस्ट चला रहे हैं लेकिन उन्हें EPF अधिनियम की धारा 17 के तहत छूट का आधिकारिक नोटिफिकेशन नहीं मिला है। ऐसे संस्थान अब तय समय सीमा के भीतर अपनी स्थिति को नियमित करा सकते हैं। EPFO के मुताबिक बड़ी कंपनियां अक्सर अपने कर्मचारियों के PF का संचालन खुद करती हैं। ऐसे संस्थानों को Exempted PF Trust कहा जाता है। ये ट्रस्ट कर्मचारियों और नियोक्ता दोनों के योगदान को जमा करते हैं और सरकार द्वारा तय ब्याज दर के अनुसार राशि कर्मचारियों के खातों में क्रेडिट करते हैं।

वित्तीय नियमों में बदलाव के बाद क्यों आई यह योजना

श्रम मंत्रालय ने बताया कि वित्त अधिनियम 2026 के तहत आयकर कानून में बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के बाद मान्यता प्राप्त भविष्य निधि के नियमों को कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम 1952 के प्रावधानों के अनुरूप बनाया गया है। अब आयकर कानून के तहत मान्यता उन्हीं PF ट्रस्ट को मिलेगी जिन्हें EPF अधिनियम की धारा 17 के तहत छूट प्राप्त है। ऐसे में Amnesty Scheme उन संस्थानों के लिए एक अवसर है जो पुराने ढांचे में काम कर रहे थे लेकिन औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे।

योजना में मिलेंगी कानूनी और अनुपालन से जुड़ी राहत

EPFO Amnesty Scheme का सबसे बड़ा लाभ PF ट्रस्ट के रेगुलराइजेशन से जुड़ा है। योजना के तहत ट्रस्ट की स्थापना से लेकर निर्धारित कटऑफ तारीख तक उसकी छूट स्थिति और मान्यता को नियमित किया जा सकेगा। इसके अलावा कुछ पुराने मामलों में कानूनी कार्रवाई से भी राहत मिल सकती है। अगर किसी PF ट्रस्ट ने कर्मचारियों के खातों में तय या उससे ज्यादा ब्याज दर के अनुसार राशि जमा की है तो पुराने बकाया, हर्जाने और ब्याज से जुड़े मामलों को वापस लेने का प्रावधान रखा गया है। 

योजना के तहत सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 से जुड़ी कुछ शर्तों में भी राहत दी जाएगी। इसमें न्यूनतम कर्मचारी संख्या, फंड से जुड़ी आवश्यकताएं और पिछले तीन साल के अनुपालन की अनिवार्यता जैसी शर्तें शामिल हैं।

दो श्रेणियों में बांटे गए हैं आवेदन करने वाले संस्थान

EPFO ने Amnesty Scheme के लाभार्थियों को दो कैटेगरी में बांटा है। पहली श्रेणी में वे संस्थान शामिल हैं जो पहले से अपने PF ट्रस्ट को नियमित कराने की प्रक्रिया में हैं और जिन्होंने नॉन-डिस्काउंटेड संस्थान के रूप में अनुपालन शुरू कर दिया है। दूसरी श्रेणी में वे संस्थान आते हैं जो Exempted PF Trust के रूप में संचालन जारी रखना चाहते हैं। दोनों श्रेणियों के संस्थानों को छह महीने के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी और जरूरी आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

आवेदन प्रक्रिया और कंपनियों के लिए जरूरी शर्तें

योजना का लाभ लेने के लिए पात्र संस्थानों को संबंधित EPFO क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से केंद्र सरकार को आवेदन भेजना होगा। आवेदन ईमेल के जरिए भी किया जा सकता है। आवेदन करने वाले संस्थानों को अपने वित्तीय खातों का चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट कराना होगा। इसके साथ ही EPFO अधिकारियों द्वारा मांगे गए किसी विशेष या अनुपालन ऑडिट को आवेदन जमा करने के तीन महीने के भीतर पूरा करना जरूरी होगा।

EPFO ने यह नोटिफिकेशन 29 जून 2026 को जारी किया था। छह महीने की यह अवधि निजी PF ट्रस्ट संचालित करने वाली कंपनियों के लिए अपने रिकॉर्ड और कानूनी स्थिति को व्यवस्थित करने का अहम मौका मानी जा रही है।

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