Breaking News
  • होर्मुज स्ट्रेट में गुजरात का एक और जहाज डूबा,ओमान तट के पास हादसा, 14 क्रू मेंबर्स को कोस्टगार्ड ने बचाया
  • UP में आंधी-तूफान, 98 लोगों की मौत, 80kmph की आंधी में एक युवक उड़ गया
  • वीडी सतीशन केरलम के मुख्यमंत्री होंगे, चुनाव नतीजे के 10 दिन बाद कांग्रेस का ऐलान
  • मध्य प्रदेश के देवास में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट के बाद कई लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर
  • सोना 9,345 और चांदी 22,853 महंगी, इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% करने का असर

होम > बिजनेस

Ballia Sattu Laddu Reaches Global Market

बलिया के सत्तू का लड्डू अब अमेरिका और खाड़ी देशों में बिखेरेगा स्वाद

यूपी के बलिया का सत्तू अब अमेरिका और खाड़ी देशों तक पहुंच रहा है। ओडीओपी योजना से सत्तू लड्डू को नई पहचान मिली, 700 महिलाओं को रोजगार भी मिला।


बलिया के सत्तू का लड्डू अब अमेरिका और खाड़ी देशों में बिखेरेगा स्वाद

एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना अब उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का मजबूत माध्यम बनती जा रही है। इसी कड़ी में बलिया का मशहूर चने का सत्तू अब देश की सीमाएं पार कर यूएसए, चीन, नेपाल और दुबई समेत कई खाड़ी देशों तक अपनी पहचान बना चुका है। अब बलिया के सत्तू से तैयार होने वाले लड्डू को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सबसे खास बात यह है कि इसके जरिए 700 से अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया है।

योगी सरकार की पहल से बलिया का यह पारंपरिक और पौष्टिक उत्पाद आज ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अमेजन, फ्लिपकार्ट और जियो मार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के लोग अब यूपी के इस उत्पाद को पसंद कर रहे हैं।बलिया का सत्तू जब से ओडीओपी योजना में शामिल हुआ है, तब से इसका व्यापार कई गुना बढ़ गया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ ही महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। सत्तू अब केवल गांवों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने वाले शहरी लोगों की भी पहली पसंद बनता जा रहा है।

अब विदेशों में भेजे जाएंगे सत्तू के लड्डू

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि एक जिला एक उत्पाद योजना का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। इससे न सिर्फ स्थानीय उत्पादों को पहचान मिल रही है, बल्कि रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बलिया की सांस्कृतिक पहचान अब देशभर में फैल रही है।निधि उद्योग की संस्थापक नीति अग्रवाल ने बताया कि बलिया के सत्तू से बनने वाले लड्डू को अमेरिका और खाड़ी देशों में भेजने की पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बलिया का यह पारंपरिक स्वाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान बनाएगा। वहीं, बलिया में सत्तू का कारोबार कई गुना बढ़ा है। ओडीओपी में शामिल होने के बाद इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है।

एफपीओ बनाकर लोगों और किसानों को जोड़ा गया

मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज ने बताया कि भृगु मंदिर के आसपास बड़ी संख्या में सत्तू के स्टॉल लगते हैं। यहां लोग सत्तू को बाबा का प्रसाद मानते हैं। ऐसे में सबसे पहले चने के सत्तू को ब्रांड बनाने की योजना तैयार की गई।सबसे पहले आकर्षक बॉक्स तैयार कर होली, दिवाली समेत विशेष अवसरों पर विशिष्ट लोगों और पुलिस कर्मियों को सत्तू भेंट किया गया, जिससे इसकी व्यापक पहचान बनी। वहीं, इंडस्ट्रियल एरिया में प्रोसेसिंग यूनिट शुरू होने के बाद एफपीओ बनाकर लोगों और किसानों को जोड़ा गया। वर्तमान में करीब साढ़े छह हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में चने की खेती की जा रही है और किसानों को उपज का वाजिब दाम भी मिल रहा है।

700 महिलाओं को मिला रोजगार

व्यवस्थापक सौरभ अग्रवाल ने बताया कि सत्तू उत्पादन और पैकेजिंग के इस बढ़ते कारोबार ने महिलाओं को बड़े स्तर पर रोजगार दिया है। करीब 700 से अधिक महिलाएं इस कार्य से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।वहीं, द्वाबा क्षेत्र के किसानों का चना हाथोंहाथ खरीदा जा रहा है, जिससे उन्हें फसल का वाजिब दाम मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जीआई टैग मिलने के बाद सत्तू को एक अलग पहचान मिलेगी। साथ ही नकली उत्पादों पर रोक लगेगी और देश-विदेश में ब्रांडिंग मजबूत होगी। इसके अलावा किसानों को ज्यादा दाम मिल सकेंगे और एक्सपोर्ट के अवसर भी बढ़ जाएंगे।

मंत्रियों और विधायकों तक पहुंचा बलिया का सत्तू

ओडीओपी उत्पाद को लेकर बहुत अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने प्रदेश के सभी मंत्रियों और विधायकों को बलिया के सत्तू के पैकेट भी भेजे हैं, ताकि प्रदेश के इस पारंपरिक उत्पाद को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिल सके।

Related to this topic: