नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गौवध के मामले में नगर निगम के सहायक यंत्री सौरभ सूद पुलिस के रडार पर आ गए हैं। एसआईटी के एसीपी उमेश तिवारी ने उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया है। उनके बयानों के आधार पर ही आरोपी असलम कुरैशी से पूछताछ के बिंदु तय किए गए हैं। इधर, रिमांड पर मौजूद आरोपी से सप्लाई चेन को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। यह चेन रायसेन और बाड़ी-बरेली के बीच फैली हुई बताई जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार स्लॉटर हाउस के कामकाज की निगरानी सहायक यंत्री सौरभ सूद के पास थी। पुलिस ने उन्हें नोटिस देकर 22 जनवरी को थाने में बुलाया था। उनसे हुई पूछताछ के बाद ही आरोपी असलम कुरैशी और कंटेनर चालक शोयब को रिमांड पर लिया गया। सौरभ सूद से मिली जानकारी के आधार पर एसीपी उमेश तिवारी ने असलम कुरैशी से सप्लाई चेन के संबंध में पूछताछ की।
रिमांड में उगले राज
असलम कुरैशी ने पुलिस को जो जानकारी दी है, उसके आधार पर अब RESTOCK लाइव स्टॉक कंपनी के रिकॉर्ड तलब किए जा रहे हैं। इसके लिए सौरभ सूद को निर्देश दिए गए हैं कि कंपनी को लीज मिलने के बाद से अब तक सौंपे गए सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। यह जानकारी भी पुलिस को प्राप्त हो चुकी है, जिसके आधार पर असलम कुरैशी से लगातार सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।
दो दर्जन सवाल, 25 जनवरी तक रिमांड
सूत्रों के मुताबिक, एसीपी उमेश तिवारी ने करीब दो दर्जन बिंदुओं पर पूछताछ की रूपरेखा तैयार की है। RESTOCK लाइव स्टॉक कंपनी के संचालकों में शामिल असलम कुरैशी और ड्राइवर शोयब को 25 जनवरी तक पूछताछ के लिए रिमांड पर रखा गया है। इस दौरान असलम कुरैशी के आय स्रोतों की भी जांच की जा रही है। कंपनी के मूल संचालक से जुड़ी जानकारी भी पुलिस ने जुटा ली है।
प्रकरण में तीन अन्य लोगों को राहत दिए जाने को लेकर एसीपी बिट्टू शर्मा की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर हिंदू संगठन आक्रोशित बताए जा रहे हैं। RESTOCK लाइव स्टॉक कंपनी का पंजीकरण मई 2022 में ग्वालियर में हुआ था। इससे पहले कंपनी में मोहम्मद मुर्शलीन कुरैशी के साथ अमीन उद्दीन और जावेद रहमान पार्टनर थे।
भोपाल में नगर निगम द्वारा सितंबर 2025 में पीपीपी मोड पर दिए गए ठेके में इनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार मोहम्मद मुर्शलीन चौधरी की तीन अन्य फर्में फलक फ्रोजन फूड एक्सपोर्टर्स और अल नवेद एग्रो फूड इंडस्ट्रीज (दो फर्म) भी सामने आई हैं, जिनमें मोहम्मद मुर्शलीन कुरैशी शामिल है। ये फर्में लंबे समय से स्लॉटर हाउस से जुड़े कार्य में संलग्न रही हैं।