AIIMS के ट्रामा सेंटर की छत पर बनेगा हेलीपेड, मरीजों को मिलेंगी ये सुविधाएं
राजधानी भोपाल एम्स में जल्दी ही हेलीपेड की सुविधा मिलने वाली है। इससे ऑर्गन ट्रांसप्लांट और गंभीर मरीजों को मिलेगा त्वरित लाभ।
भोपालः मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित एम्स के ट्रामा सेंटर की छत पर हेलीपेड बनाने की योजना है। इससे गंभीर मरीजों और ऑर्गन ट्रांसप्लांट से जुड़े मामलों में समय की सबसे बड़ी बाधा खत्म हो सकेगी। इस परियोजना का प्रस्ताव प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत भेजने की तैयारी है, वहीं नागरिक उड्डयन महानिदेशालय डीजीसीए से मंजूरी के लिए आवेदन किया जाएगा।
दिल्ली में स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव के साथ एम्स भोपाल के निदेशक डॉ माधवानंद कर, डिप्टी डायरेक्टर संदेश जैन और सांसद आलोक शर्मा की बैठक हुई। इसमें स्थायी निदेशक देने की मांग उठी। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने जानकारी दी कि अगले महीने से इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा 300 बेड का लेवल-1 अपेक्स ट्रॉमा सेंटर, अत्याधुनिक अपेक्स ऑन्कोलॉजी सेंटर, पीडियाट्रिक एवं गायनी सुपर स्पेशलिटी, वर्चुअल ऑटोप्सी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सांसद आलोक शर्मा ने दी जानकारी
सांसद आलोक शर्मा ने बताया कि अधिकांश प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब इन्हें वित्त विभाग को भेजा जाएगा। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव को 1000 करोड़ रुपये के विस्तार प्लान का प्रस्ताव सौंपा। इस विस्तार योजना का सबसे खास हिस्सा एम्स परिसर में हेलीपेड का निर्माण करना है।
भोपाल एम्स में रोज पहुंचते हैं कई सो मरीज
बता दें कि एम्स भोपाल के ट्रॉमा सेंटर में प्रतिदिन 150 से 200 सडक़ दुर्घटना और गंभीर चोट के मरीज पहुंचते हैं। इनमें से लगभग 10 प्रतिशत मरीजों को तत्काल भर्ती कर इलाज की आवश्यकता होती है। हेलीपैड के शुरू होने से नेशनल हाईवे, सीमावर्ती राज्यों और दूरदराज के क्षेत्रों से मरीजों को सीधे ट्रॉमा सेंटर लाया जा सकेगा, जिससे ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज संभव होगा।
भोपाल एम्स में बनेगा दूसरा बड़ा ट्रॉमा सेंटर
बता दें कि भोपाल में एम्स में 150 बेड का लेवल 1 अपेक्स ट्रॉमा सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। यह दिल्ली स्थित एम्स के बाद दूसरा सबसे बड़ा ट्रॉमा सेंटर होगा।