भारत बंद का देश भर में मिला-जुला असर, बंगाल, बिहार में ट्रेन रोकी

Update: 2020-12-08 06:31 GMT

नईदिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रह किसान संगठनों ने आज भारत बंद का आह्वान किया है। जिसका किसान संगठनों सहित कई भारतीय राजनीतिक दल और ट्रेड यूनियन समर्थन कर रही है। भारत बंद का मिला -जुला असर पूरे देश में देखने को मिल रहा है।। पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और ओडिशा में ट्रेनों को रोका गया।

आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है की मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के सिंघु बॉर्डर पर जाने के बाद से नजर बंद कर  लिया गया है।  हालांकी दिल्ली पुलिस ने इस आरोप को गलत बताया है।  प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए सिंघु बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।  

बिहार -

प्रदर्शन के साथ ट्रेनें रोकी -

राजधानी पटना सहित कई जिलों में सुबह 6 बजे से ही राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर गए। जबकि बंद को लेकर प्रशासन 11 बजे से तैयारी कर रहा था।राजद, कांग्रेस, भाकपा माले, सीपीआई सहित अन्य समर्थक दलों के कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर उतर गए। इससे बंदी सुबह 6 बजे से ही प्रभावी हो गई। इसका आम जनजीवन पर असर देखने को मिला है। ट्रेन और बसों के साथ-साथ दूसरी अन्य सुविधाओं को बाधित करने का प्रयास किया गया है। जिसके कारण पटना में महाजाम लग गया।

दरभंगा के लहरियासराय स्टेशन पर भाकपा माले के कार्यकताओं ने सुबह 6 बजे ही स्टेशन पहुंच कर रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान गंगासागर एक्सप्रेस को काफी देर स्टेशन पर रुकना पड़ा। इसके अलावा सहरसा में नंदलाली हाल्ट पर सहरसा-सुपौल जाने वाली ट्रेन को घंटों रोके रखा गया। बिहारशरीफ में दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन को भी रोका गया। दरभंगा में दरभंगा-नई दिल्ली बिहार संपर्क क्रांति सुपर फास्ट स्पेशल ट्रेन घंटों रुकी रही।

पश्चिम बंगाल -

वामपंथी दलों ने नारे लगाए -

किसान आंदोलन के अंतर्गत बुलाए गए भारत बंद का पश्चिम बंगाल में कोई खास असर नहीं दिख नहीं दिख रहा है। उत्तर बंगाल को छोड़कर राज्य के अधिकांश इलाकों में हालात सामान्य हैं लेकिन, कुछ इलाकों में वाम दलों के कार्यकर्ता सड़कों पर विरोध जताते नजर आ रहे हैं। कोलकाता में जादवपुर रेलवे स्टेशन पर वाम दलों के के कार्यकर्ता रेलवे ट्रेक पर बैठ गए और ट्रेन रोकी।   ट्रेन रोककर ट्रैक पर बैठ गए।

मध्यप्रदेश -

सब्जी मंडी, मार्केट खुली -

विरोधी दलों के भारत बंद का मध्यप्रदेश में कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है। धीरे-धीरे कर बाजार खुल रहे हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रखी है। इसी बीच इंदौर में कांग्रेस के लोग सब्जी मंडी बंद कराने पहुंचे, तो भोपाल में सिख समाज के लोगों ने किसानों के समर्थन में रैली निकाली।

किसानों के भारत बंद के मद्देनजर मंगलवार को मध्यप्रदेश भी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। हालांकि प्रदेश में व्यापारी संगठनों ने बंद को समर्थन नहीं दिया है, लेकिन कांग्रेस इसके समर्थन में आ गई है। इंदौर और भोपाल में बाजार खुल गए हैं। उज्जैन में कांग्रेसियों ने बंद के समर्थन में रैली निकाली। हल्की बहस भी हुई। कई शहरों में पुलिस अलर्ट पर है। 

राजस्थान -

बसों के पहिये थाम -

राजस्थान में रोडवेज की बसों के पहिए थमे हुए हैं। हालांकि, इन्हें सिर्फ दोपहर 2 बजे तक बंद करने का फैसला किया गया है।राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और किसान संगठनों सड़क पर उतर नारे लगाए।   

गुजरात -

अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति द्वारा आयोजित भारत बंद का राज्य में खास असर नहीं है। गुजरात प्रदेश कांग्रेस भारत बंद को सफल बनाने में लगी है। हालांकि बंद का समर्थन करना है या नहीं, इसे लेकर अजीब स्थिति रही। भारत बंद को सौराष्ट्र में सुबह के समय आंशिक समर्थन दिखाई दिया। बाकी वडोदरा, सूरत और दक्षिण गुजरात, उत्तर गुजरात में भारत बंद का कोई असर नहीं दिखाई नहीं दिया। सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात में कमजोर समर्थन मिला है।


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