पंजाब में पाकिस्तान सीमा के पास बनी 3 मस्जिदें, केरल से कश्मीर के रास्ते हुई फंडिंग

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

Update: 2022-04-03 13:48 GMT

नईदिल्ली। भारत-पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय सीमा से 50 किमी के क्षेत्र में 3 मस्जिदों के निर्माण में बाहर से हुई फंडिंग का खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई है। केरल की संस्था रिलीफ एंड चैरिटेबल फाउंडेशन आफ इंडिया (आरसीएफआइ) ने पंजाब के तीन जिलों फरीदकोट, जैतो व मत्ता अजीत सिंह में वर्ष 2019 तीन मस्जिदों के निर्माण के लिए फंडिंग की थी। केंद्रीय गृहमंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार आरसीएफआइ संस्था ने विदेशी में रहने वाले लोगों एवं संगठनों के माध्यम से कश्मीर के रास्ते धन को पंजाब के फरीदकोट तक पहुंचाया है। 

रिपोर्ट के अनुसार आरसीएफआइ ने पंजाब के सीमांत जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर व फाजिल्का समेत देश के अन्य हिस्सों में मस्जिदों के निर्माण के लिए 70 करोड़ रुपये का विदेशों के माध्यम से फंड उपलब्ध कराया है। इस रिपोर्ट का खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई है। उन्होंने फरीदकोट समेत सभी जगहों पर संस्था की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है।  

फरीदकोट में बाबा फरीद गोसिया मस्जिद की देखरेख करने वाले बरकत अली व टेक चंद का कहना है की वर्ष 2018 में बठिंडा के इमाम मौलाना हाजी रुजमान आए थे। उन्होंने कहा था की एक संस्था है  तुम उसे अपनी जमीन दे दो, वह मुफ्त में मस्जिद बनाकर देगी।  हमने मौलाना साहब के कहने पर 10 लाख रुपये का चंदा इकट्ठा कर जमीन खरीदी और रजिस्ट्री केरल की संस्था आरसीएफआइ के सदस्य सलीम को सौंप दी। इसके बाद यहां मस्जिद का निर्माण हुआ।  मस्जिद के अंदर लगे नींव पत्थर पर भी संस्था का नाम लिखा है।

क्या है आरसीएफआइ - 

आरसीएफआइ की वेबसाइट के अनुसार वर्ष 2000 में इस संस्था की स्थापना हुई है। जोकी एक प्रमाणित गैर-सांप्रदायिक संगठन है। इसमें मस्जिदों के निर्माण की बात का उल्लेख नहीं है। वेबसाइट के अनुसार संस्था का  मुख्य कार्य पिछड़े समुदायों के लिए जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। फंडिंग के लिए इसे 24 राज्यों से समर्थन मिला है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2021 में संस्था की फंडिंग पर रोक लगा दी थी और विदेशी चंदा प्राप्त करने का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है।  


 

Tags:    

Similar News