गाजा संकट पर भारत ने यूएनजीए में फिर जताई चिंता, सार्थक बातचीत से समाधान निकालना जरुरी

यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली (यूएनजीए) में सोमवार को भारत की तरफ से कहा गया कि इजराइल-हमास संघर्ष के चलते बड़े स्तर पर लोगों की जान जा चुकी है। खासकर महिलाओं और बच्चों की, जो अस्वीकार्य है। भारत की तरफ से इसपर चिंता जताते हुए कहा गया है

Update: 2024-03-05 10:05 GMT

न्यूयॉर्क । यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली (यूएनजीए) में सोमवार को भारत की तरफ से कहा गया कि इजराइल-हमास संघर्ष के चलते बड़े स्तर पर लोगों की जान जा चुकी है। खासकर महिलाओं और बच्चों की, जो अस्वीकार्य है। भारत की तरफ से इसपर चिंता जताते हुए कहा गया है कि इस विवाद को करीब पांच माह हो चुके हैं और यह इंसानियत पर संकट जैसा है, जो गहराता जा रहा है।

यूएनजीए में ब्रीफिंग के दौरान संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि भारत की स्थिति स्पष्ट है जो कई मौकों पर दोहराया गया है। भारत दो राज्य समाधान के समर्थन को प्रतिबद्ध है। दोनों के बीच सीधी और सार्थक बातचीत के माध्यम से इसका समाधान निकाला जा सकता है। यह स्थायी शांति के लिए जरूरी है। भारत की स्थायी दूत ने तनाव कम करने का आग्रह करते हुए कहा कि स्थायी समाधान तक पहुंचने के लिए हम तत्काल तनाव कम करने, हिंसा से बचने, सभी बंधकों को रिहा करने और तनावपूर्ण कार्रवाइयों से बचने का आग्रह करते हैं। जिससे सीधी शांति वार्ता के लिए जमीन तैयार हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि हमने इस संघर्ष के दौरान नागरिकों की मौत की कड़ी निंदा की है। किसी भी संघर्ष के दौरान नागरिक जीवन की सुरक्षा जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का सम्मान हर हाल में किया जाना चाहिए।

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