विश्व हिंदी दिवस 2026: इतिहास से लेकर वैश्विक पहचान तक हिंदी की पूरी कहानी

विश्व हिंदी दिवस 2026 पर जानिए हिंदी का इतिहास, इसका वैश्विक महत्व और क्यों 10 जनवरी को यह दिन दुनिया भर में मनाया जाता है।

Update: 2026-01-10 08:54 GMT

हर साल 10 जनवरी आते ही हिंदी भाषा एक बार फिर वैश्विक मंच पर चर्चा का केंद्र बन जाती है, मौका होता है विश्व हिंदी दिवस का एक ऐसा दिन जो सिर्फ भाषा का उत्सव नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान को दुनिया तक पहुंचाने का जरिया भी है ।

हिंदी को वैश्विक पहचान दिलाने का दिन

हिंदी भाषा को बढ़ावा देने और इसके महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है. इस दिन का मकसद साफ है हिंदी को सिर्फ भारत तक सीमित न रखकर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करना, कूटनीति, शिक्षा, संस्कृति और तकनीक हर क्षेत्र में हिंदी की मौजूदगी बढ़े, यही इस दिन की असली भावना है ।

विश्व हिंदी दिवस का इतिहास

विश्व हिंदी दिवस की कहानी साल 1975 से शुरू होती है. उसी साल नागपुर में पहला विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित हुआ था, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी शामिल हुई थीं । हालांकि इसे आधिकारिक पहचान मिली 2006 में। उस वक्त के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में औपचारिक रूप से मनाने की घोषणा की. तब से यह दिन हर साल दुनिया भर में मनाया जाता है ।

साल में दो बार क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस?

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि हिंदी दिवस साल में दो बार क्यों आता है. दरअसल 14 सितंबर राष्ट्रीय हिंदी दिवस भारत के भीतर हिंदी के सम्मान और उपयोग पर केंद्रित है और 10 जनवरी विश्व हिंदी दिवस हिंदी की अंतरराष्ट्रीय भूमिका और विस्तार पर जोर देता है. दोनों दिन का उद्देश्य अलग है, लेकिन मकसद एक हिंदी को सशक्त बनाना।

तकनीक और क्रिएटिव इंडस्ट्री में हिंदी की बढ़ती ताकत

आज हिंदी सिर्फ किताबों या भाषणों तक सीमित नहीं है. ऑनलाइन कंटेंट, सोशल मीडिया, वेब सीरीज और फिल्में , मोबाइल ऐप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस. हर जगह हिंदी की मांग और उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। यही वजह है कि विश्व हिंदी दिवस अब सिर्फ एक औपचारिक दिन नहीं, बल्कि बदलते समय का संकेत बन गया है ।

विश्व हिंदी दिवस का उद्देश्य

इस दिन का मूल उद्देश्य है कूटनीति में हिंदी की भूमिका बढ़ाना, विदेशी विश्वविद्यालयों और संस्थानों में हिंदी शिक्षण को प्रोत्साहित करना और हिंदी को एक वैश्विक संवाद की भाषा बनाना ।

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