राष्ट्रपति के अभिभाषण में VB- जी राम जी कानून का जिक्र, 45 मिनट की स्पीच में विपक्ष का हंगामा
बजट सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 45 मिनट का अभिभाषण, VB- जी राम जी कानून पर विपक्ष का विरोध और सदन में नारेबाजी।
नई दिल्ली। संसद का माहौल बुधवार को कुछ देर के लिए पूरी तरह गरमा गया. 18वीं लोकसभा के बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से हुई, लेकिन जैसे ही 45 मिनट की स्पीच में VB- जी राम जी कानून का जिक्र आया, विपक्ष अपनी सीटों से उठ खड़ा हुआ। नारे लगे, आवाजें गूंजी और सत्ता पक्ष भी पीछे नहीं रहा, मेज थपथपाई गई, समर्थन में नारे भी सुनाई दिए।
बजट सत्र की शुरुआत, संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति का संबोधन
लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं को रखा। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक प्रगति और सामाजिक न्याय दोनों को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। भ्रष्टाचार और बड़े घोटालों पर काबू पाने का भी जिक्र हुआ।राष्ट्रपति का भाषण शांत लहजे में चल रहा था, लेकिन माहौल तब बदला जब VB- जी राम जी कानून का नाम आया।
VB- जी राम जी कानून पर बवाल
कानून का जिक्र होते ही विपक्षी सांसदों ने “कानून वापस लो” के नारे लगाने शुरू कर दिए, सदन में कुछ देर के लिए अव्यवस्था की स्थिति बन गई। उधर, एनडीए सांसद समर्थन में नारेबाजी करते नजर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी अपनी सीट पर मेज थपथपाते दिखे। कुछ सांसदों का कहना था कि यह मुद्दा जनता से जुड़ा है, वहीं विपक्ष इसे तुरंत वापस लेने की मांग पर अड़ा रहा।
बजट सत्र का पूरा शेड्यूल
- इस साल बजट सत्र कुल दो हिस्सों में होगा।
- पहला हिस्सा: 28 जनवरी से 13 फरवरी
- दूसरा हिस्सा: 9 मार्च से 2 अप्रैल
इस दौरान संसद की कुल 30 बैठकें होंगी। खास बात ये है कि 28 जनवरी और 1 फरवरी को शून्यकाल नहीं रखा गया है, जिससे सरकार के विधायी एजेंडे को समय मिल सके।
राष्ट्रपति के भाषण की 4 बड़ी बातें
ऑपरेशन सिंदूर की ताकत
राष्ट्रपति ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सेना का शौर्य पूरी दुनिया ने देखा। आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया और मिशन सुदर्शन चक्र पर काम जारी है।
नई पीढ़ी को इतिहास से प्रेरणा
श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, सरदार पटेल की 150वीं जयंती और भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती जैसे आयोजनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है।
भारत निभा रहा सेतु की भूमिका
राष्ट्रपति के मुताबिक, वैश्विक हालात मुश्किल हैं. पुराने समीकरण बदल रहे हैं, लेकिन भारत अपनी दूरदर्शी विदेश नीति के चलते दुनिया में भरोसे का केंद्र बना है। भारत ने ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती से आगे बढ़ाया है।
स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन की तैयारी
देश में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं और भारत अपना स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, संयुक्त सत्र में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, जेपी नड्डा, पीएम नरेंद्र मोदी, अखिलेश यादव समेत तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कभी गंभीरता, कभी हंगामा, संसद का हर रंग इस सत्र की शुरुआत में दिखा।