BMC चुनाव में ठाकरे भाई आए साथ, BJP के लिए होंगे मुकाबला, जानें एलायंस को लेकर क्या है सच्चाई
Brihanmumbai Municipal Corporation: बीएमसी चुनाव में उद्धव-राज ठाकरे की एकजुटता को संजय राउत ने मुंबई के भविष्य के लिए अहम बताया।
मुंबईः महाराष्ट्र में 29 महानगर पालिकाओं में चुनाव हो रहे हैं। इसमें 15 जनवरी के दिन वोटिंग होना है। चुनाव से पहले कई चौंकाने वाली खबरें सामने आईं। इसमें लंबे समय तक बैर रखने वाले दो भाईयों का साथ आना हैं। इसको लेकर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि बीएमसी चुनाव में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का एक साथ आना मुंबई के भविष्य के लिए अहम कदम है। इससे शहरवासियों में भरोसा बढ़ा है।
दरअसल, इस बार शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ने का फैसला किया है। दोनों दलों ने रविवार के दिन संयुक्त घोषणापत्र ‘वचननामा’ जारी किया, जिसमें ठाकरे भाइयों और बालासाहेब ठाकरे की तस्वीरें शामिल हैं।
मजबूत स्थिति में रही शिवसेना
संजय राउत का कहना है कि यह गठजोड़ सिर्फ राजनीतिक एकता नहीं, बल्कि मुंबई की सुरक्षा और विकास से जुड़ा है। मुंबई न केवल महाराष्ट्र बल्कि देश की आर्थिक राजधानी है और शिवसेना की पकड़ बीएमसी पर लंबे समय से बनी हुई है। उन्होंने बताया कि पार्टी करीब 30 वर्षों से शहर में मजबूत स्थिति में रही है। हालांकि, पूर्ण बहुमत कभी नहीं मिला, लेकिन लंबे समय तक बीजेपी के साथ गठबंधन रहा, जो 2014 में टूट गया।
सात साल बाद हो रहे चुनाव
संजय राउत ने कहा कि सात साल बाद हो रहे इन चुनावों में शहर और जनसंख्या दोनों बदल चुके हैं। ऐसे समय में ठाकरे भाइयों का साथ आना मुंबई को बचाने की पहल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिवसेना हमेशा महाराष्ट्रवासियों की सुरक्षा और हित में रही हैं। शहर में शिवसेना का प्रभाव है। ऐसे में जब मुंबई के मुद्दों पर बात होती है तो लोग सबसे पहले यही सोचते हैं कि शिवसेना हमारी रक्षा करेंगी। इसी कड़ी में ठाकरे भाइयों का मिलना लोगों के दिलों में विश्वास पैदा करने वाला कदम रहा है।
क्या है ठाकरे बंधुओं के घोषणा पत्र में
संयुक्त घोषणापत्र में किफायती आवास, बेहतर स्वास्थ्य, परिवहन, शिक्षा और महिलाओं के लिए ‘स्वाभिमान निधि’ योजना का वादा किया गया है। इसके तहत घरेलू कामकाजी और कोली समुदाय की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने का प्रस्ताव है।