Budget 2026: टैक्स में राहत नहीं, कैंसर की 17 दवाएं सस्ती, जाने और क्या बड़े घोषणाएं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया. करीब 85 मिनट के लंबे बजट भाषण में उन्होंने साफ संकेत दिया कि सरकार फिलहाल टैक्स स्ट्रक्चर से छेड़छाड़ के मूड में नहीं है। इनकम टैक्स स्लैब में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है.हालांकि, राहत की बात यह रही कि सरकार ने स्वास्थ्य, रेलवे और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े फैसलों की घोषणा की। कैंसर की 17 जरूरी दवाइयों को कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त करने का ऐलान भी इसी बजट का अहम हिस्सा रहा।
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 3 आयुर्वेदिक एम्स
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे लंबी दूरी की यात्रा आसान और तेज होगी। इसके साथ ही 3 नए आयुर्वेदिक एम्स (AIIMS) स्थापित करने की घोषणा की गई है, ताकि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक ढांचे से जोड़ा जा सके।
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर सरकार का फोकस साफ दिखा। खासकर कैंसर की 17 दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी हटाने का फैसला मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
बजट 2026 की बड़ी घोषणाएं
मालगाड़ी के लिए नया फ्रेट कॉरिडोर
पश्चिम बंगाल के डानकुनी तक एक नए फ्रेट कॉरिडोर का ऐलान किया गया है। इससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलने और माल ढुलाई की लागत घटने की उम्मीद है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा खर्च
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने 12.2 लाख करोड़ रुपये का कैपेक्स तय किया है। यह पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। सड़क, रेलवे और शहरी ढांचे पर इसका सीधा असर दिखेगा।
रेयर अर्थ मिनरल्स पर खास जोर
केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। आंध्र प्रदेश को भी इस योजना में शामिल किया गया है, ताकि खनिज संपन्न राज्यों को रणनीतिक फायदा मिल सके।
टेक्सटाइल और फार्मा सेक्टर
देश में बड़े टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जाएंगे। वहीं, दवाइयों के क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत तीन नए संस्थान खोले जाएंगे।
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स
भारत का सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 लॉन्च करने की घोषणा की गई है। साथ ही मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया।
सरकार का फोकस किन 6 क्षेत्रों पर रहेगा
सरकार ने साफ किया कि आने वाले समय में रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग, पुराने उद्योगों के पुनरुद्धार, MSME सेक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्थिक सुरक्षा और शहरी विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उद्देश्य यह है कि छोटे उद्योग भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
बजट के तीन बड़े विजन
सरकार ने बजट को तीन शब्दों में परिभाषित किया- रफ्तार, क्षमता और सबका साथ।
मतलब साफ है, आर्थिक विकास की गति बढ़े, लोगों की काबिलियत निखरे और हर वर्ग तक अवसर पहुंचे।
अर्थव्यवस्था पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड
वित्त मंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर रही है और महंगाई पर भी नियंत्रण रखा गया है। आत्मनिर्भरता बढ़ने से आयात पर निर्भरता कम हुई है। वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन की चुनौतियों के बावजूद भारत ‘विकसित भारत’ की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।
कुल मिलाकर, बजट 2026 टैक्स में राहत भले न दे, लेकिन इंफ्रा, हेल्थ और मैन्युफैक्चरिंग में लंबे समय की तैयारी का रोडमैप जरूर दिखाता है।