मर्दानी 3 की क्या है कहानी? क्राइम को खत्म करने आईं Rani Mukerji..

आज 30 जनवरी को मर्दानी 3 बॉक्स ऑफिस में रिलीज हो चुकी है। सस्पेंस, एंबिशस, एक्शन से बनी पूरी मूवी। जानें मर्दानी 3 का रिव्यू।

Update: 2026-01-30 09:24 GMT

रानी मुखर्जी की क्राइम थ्रिलर 'मर्दानी 3' आखिरकार 30 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो गई है। इसके फर्स्ट शो को देखने के लिए सिनेमाघरों में दर्शकों की काफी भीड़ देखने को मिल रही है। लेकिन क्या है इसकी पूरी कहानी? जानिए इस खबर में।

बॉलीवुड की दमदार एक्ट्रेस रानी मुखर्जी की फिल्म ‘मर्दानी 3’ ने रिलीज होते ही धूम मचा दी। फिल्म के फर्स्ट शो पर ऑडियंस ने काफी पॉजिटिव रिएक्शन दिया और रानी ने एक बार फिर अपने कॉप अवतार में धमाका कर दिया। लेकिन पूरी फिल्म कैसी है, चलिए इसका पूरा रिव्यू जानते हैं।

शिवानी शिवाजी रॉय का कॉप अवतार:

‘मर्दानी’ फ्रेंचाइजी की खासियत हमेशा ही ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर आधारित सस्पेंस और इमोशनल स्टोरी रही है। रानी मुखर्जी का शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार हमेशा दमदार और विश्वसनीय रहा है। ‘मर्दानी 3’ के ट्रेलर ने यह संकेत दिया था कि इस बार कहानी और भी ज्यादा थ्रिलिंग और इंटेंस होगी, और फर्स्ट हाफ ने इस वादे को काफी हद तक पूरा किया।

फिल्म की स्टोरी:

फिल्म की शुरुआत एक बड़े केस से होती है, जिसमें एक एम्बेसेडर की बेटी का किडनैपिंग केस है। एम्बेसेडर के साथ उसके केयरटेकर की बेटी भी उठा ली जाती है। शिवानी इस केस की तहकीकात करती हैं और जल्दी ही पता चलता है कि यह किडनैपिंग अम्मा (मल्लिका प्रसाद) के नेतृत्व वाली एक ट्रैफिकिंग रिंग से जुड़ी हुई है। अम्मा भिखारी-माफिया और ट्रैफिकिंग के गहरे जाल में शामिल एक खतरनाक, निर्मम और सनकी विलेन के रूप में सामने आती हैं।

सस्पेंस भरा फर्स्ट हाफ:

पहला हाफ पूरी तरह सस्पेंस और इंटेंसिटी से भरा हुआ है। रानी मुखर्जी फुल फॉर्म में हैं और कहानी आपको पूरी तरह बांधे रखती है। शिवानी का मिशन केवल केस सुलझाना नहीं है, बल्कि नैतिक जीत हासिल करना भी है। इस हाफ में दर्शकों को पता चलता है कि अम्मा अकेली विलेन नहीं हैं, और आगे की कहानी में एक और खतरनाक किरदार सामने आएगा।

एंबिशस सेकंड हाफ:

सेकंड हाफ में कहानी थोड़ा ज्यादा जटिल और ‘एंबिशस’ हो जाती है। ट्रैफिकिंग के साथ ड्रग ट्रायल्स और इंटरनेशनल मिशन का एंगल जुड़ जाता है। शिवानी का किरदार इस बार सिस्टम से बागी होकर विजिलांटे की भूमिका में नजर आता है। दूसरे विलेन का स्टोरी आर्क कुछ ज्यादा अविश्वसनीय हो जाता है, जिससे कहानी का फोकस स्मार्टनेस दिखाने पर अधिक हो जाता है और कुछ जगहों पर लॉजिक पीछे हट जाता है।

हालांकि, अम्मा का विलेन किरदार पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं हो पाता और फिल्म का मुख्य जोर सिर्फ शिवानी के हीरोइज़्म पर रहता है। लेकिन रानी मुखर्जी की परफॉर्मेंस हर सीन में आपको स्क्रीन से बांधे रखती है।

‘मर्दानी 3’ एक दमदार सेटअप, मजबूत कहानी और बेहतरीन एक्टिंग से सजी फिल्म है। फर्स्ट हाफ पूरी तरह प्रभावशाली है, जबकि सेकंड हाफ थोड़ा ज्यादा फिल्मी और एंबिशस हो जाता है। बावजूद इसके, रानी मुखर्जी की फुल-फॉर्म परफॉर्मेंस इसे जरूर देखने लायक बनाती है।

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