लॉकडाउन में प्रभावित नहीं हुई खेती, लक्ष्य से ज्यादा होगी उपज : तोमर

Update: 2020-04-29 15:19 GMT

नई दिल्ली। देश में कृषि पर लॉकडाउन का कोई असर नहीं पड़ा है और इससे खेती-किसानी का कार्य भी प्रभावित नहीं हुआ है। इस वर्ष भी लक्ष्य से ज्यादा खाद्यान्न का उत्पादन होने की आशा है। बुधवार को पत्रकार वार्ता के दौरान केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने यह दावा किया।

कृषि मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन में खेती-किसानी का काम प्रभावित नहीं हो, इसकी सारी व्यवस्था हुई है। बुआई से लेकर कटाई का काम सुचारू रूप से चल रहा है और किसानों से उपज खरीदी भी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस बात की कोशिश करती रही है कि उसके खजाने का पैसा किसान और कृषि दोनों के लिए उपलब्ध रहे। इसीलिए पिछले दिनों प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि योजना का आरंभ किया, जिसके तहत अभी तक किसानों के खाते में 71 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं।

कृषि मंत्री ने कहा, 'लॉकडाउन में हर क्षेत्र प्रभावित हुआ है, लेकिन खाद्यान्न, सब्जियां, दूध आदि की कोई कमी नहीं हो रही है और न ही इनके दाम बढ़े हैं।' उन्होंने कहा कि नेशनल एग्रीकेल्चर मार्केट के जरिए 585 मंडियां जोड़ी गईं हैं। इनमें एक लाख करोड़ से अधिक का व्यापार हुआ। उन्होंने बताया कि 1 मई तक हम इनकी संख्या 1000 तक बढ़ा रहे हैं। मई महीने में हमारी कोशिश है कि इ-नाम पोर्टल के जरिए 1000 मंडियां जुड़ जाएं।

केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि अब तक देश में 117 लाख टन गेंहू, 18 लाख टन धान, 5 लाख टन दलहन की खरीद हो चुकी है। मंत्री ने कहा कि किसानों की कुल संख्या 9.39 करोड़ है। कृषि विभाग ने 24 मार्च से अब तक किसानों को 17986 करोड़ ट्रांसफर किया है।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रेल मंत्रालय ने 67 मार्गों पर 60 माल गाड़ियां चलाईं। पहले रेल तभी चलती थी जब उसकी क्षमता तक माल मिल जाए, लेकिन अब सवारी गाड़ी की तरह ही माल गाड़ियां भी समय से खुल रही हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि पहले ग्रामीण और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था एक दूसरे के पूरक थी। इस कारण अभावों की पूर्ति होती रहती थी। बदलते वक्त के साथ-साथ अर्थव्यवस्था का आधार पर भी बदल गया जिसके गलत परिणाम सामने आते रहते हैं। मंत्री ने खाद्यान्न उत्पादन का जिक्र करते हुए कहा कि 2018-19 में यह 28 करोड़ टन था जो 2019-20 में बढ़कर 29.19 करोड़ टन हो गया। इस वर्ष भी लक्ष्य से अधिक उत्पादन होने वाला है।

ग्रीमकालीन फसलों की बुआई की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि इस वर्ष 57.07 लाख हेक्टेयर में गृष्मकालीन फसलों की बुआई हुई है जो पिछले वर्ष की तुलना में 38% ज्यादा है। लॉकडाउन में भी बुआई प्रभावित नहीं हुई, यह खुशी की बात है। वहीं बागवानी में 2018-19 में 310 अरब टन थी जो 2019-20 में 313.35 अरब टन का उत्पादन हुआ है।

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