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हेल्दी पीरियड्स न होने पर शरीर में होते हैं ये 5 बदलाव, जल्दी से करें उपाय नहीं तो बढ़ेगी परेशा

हेल्दी पीरियड्स न होने पर शरीर में होते हैं ये 5 बदलाव, जल्दी से करें उपाय नहीं तो बढ़ेगी परेशानी

Periods News: हर महिला को अपनी 12 साल के बाद पीरियड्स से गुजरना पड़ता है l

हेल्दी पीरियड्स न होने पर शरीर में होते हैं ये 5 बदलाव जल्दी से करें उपाय नहीं तो बढ़ेगी परेशानी

Periods News: हर महिला को 12 से 55 साल की उम्र के बीच मासिक धर्म यानी पीरियड्स का अनुभव होता है। यह एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है जो महिला शरीर को मातृत्व के लिए तैयार करती है। हालांकि, हर महिला का अनुभव एक जैसा नहीं होता। किसी को इस दौरान हल्का दर्द और सामान्य ब्लीडिंग होती है, तो किसी को इतनी तकलीफ होती है कि वो बिस्तर से उठ भी नहीं पाती।

लेकिन महिलाओं को पीरियड्स आने पर वो उनके शरीर के बारे में बहुत सारी चीजें बताती है l क्योंकि अगर पीरियड्स सही से नहीं है तो शरीर में कई असामान्य लक्षण दिखाई देने लगते हैं l इसीलिए इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें l 

बहुत कम या बहुत ज्यादा ब्लीडिंग

अगर आपको सिर्फ एक दिन के लिए ही पीरियड्स आते हैं या फिर ब्लीडिंग 7-8 दिन तक रुकती ही नहीं, तो ये संकेत अनहेल्दी पीरियड्स का हो सकता है। समान्य दिनों में पीरियड्स 3 से 5 दिन तक रहते हैं।

अनियमित पीरियड्स

पीरियड्स हर 28 से 30 दिन के अंतर पर आने चाहिए। अगर कभी 20 दिन में, कभी 40 दिन में आ रहे हैं, तो ये हार्मोनल गड़बड़ी या पीसीओएस (PCOS) की तरफ इशारा कर सकता है।

बीच में स्पॉटिंग या ब्लीडिंग

अगर पीरियड्स से पहले या बाद में भी ब्लड स्पॉट्स दिखते हैं तो इसे हल्के में न लें। ये गर्भाशय में इंफेक्शन, गर्भनिरोधक दवाइयों का साइड इफेक्ट या सर्वाइकल की समस्या हो सकती है।

बहुत लंबे समय तक पीरियड्स चलना

यदि आपकी ब्लीडिंग लगातार एक हफ्ते से ज्यादा समय तक होती है, तो यह भारी मासिक धर्म हो सकता है जो थकान, कमजोरी और एनीमिया का कारण बन सकता है।

खुद का ख्याल कैसे रखें?

पीरियड्स के दौरान शरीर में कई बदलाव आते हैं, इसलिए जरूरी है कि आप इस समय ज्यादा सावधानी बरतें। पानी खूब पिएं, हरी सब्जियां और ताजे फल खाएं, नियमित वॉक करें और भारी वसा वाला खाना जैसे तला-भुना परहेज में रखें। हल्की एक्सरसाइज और योग से भी दर्द में राहत मिल सकती है।

अगर इन सबके बावजूद भी आपकी समस्याएं बनी रहती हैं, तो डॉक्टर से मिलना बिल्कुल न टालें। पीरियड्स को हल्के में लेना भविष्य में फर्टिलिटी से जुड़ी परेशानियां ला सकता है। इसलिए खुद को समझें और शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें।