बिजनेस। भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन शानदार रहा। नवंबर महीने के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स 1,233 अंक चढ़कर 75,692.78 पर बंद हुआ। इस तेजी के पीछे ग्लोबल सेंटीमेंट में सुधार और घरेलू कंपनियों के बेहतर नतीजे बताए जा रहे हैं। लेकिन इनके अलावा एक और बड़ी वजह है, जिसने बाजार का मूड अचानक बदल दिया।
सेबी ने सरकार को क्या सुझाव दिया
खबर है कि बाजार नियामक सेबी ने सरकार को एक अहम प्रस्ताव दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक सेबी ने विदेशी निवेशकों पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को पूरी तरह हटाने की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव ऐसे वक्त आया है जब आगामी केंद्रीय बजट की तैयारियां चल रही हैं, जो फरवरी में पेश होना है। हालांकि यह सेबी का सिर्फ सुझाव है, अंतिम फैसला केंद्र सरकार को ही लेना है।
विदेशी निवेशकों की निकासी का दबाव
हाल के महीनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से रिकॉर्ड स्तर पर पैसा निकाला है। आंकड़ों के मुताबिक इस साल उन्होंने भारतीय शेयरों से करीब 31 अरब डॉलर (लगभग ₹2.94 लाख करोड़) की बिकवाली की है, जिससे बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। लगातार हो रही इस बिकवाली से रुपये और शेयर बाजार, दोनों पर काफी दबाव रहा। पिछले दो सालों में सेबी ने विदेशी निवेशकों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं। इनमें निवेशकों ने सबसे ज्यादा जोर इसी बात पर दिया कि भारत का मौजूदा टैक्स ढांचा सरल और उदार बनाया जाए।
म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी प्रस्ताव
रिपोर्ट की मानें तो विदेशी निवेशकों के अलावा सेबी ने घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी टैक्स राहत सुझाई है। प्रस्ताव है कि अगर कोई निवेशक अपना पुराना म्यूचुअल फंड निवेश बेचकर उस रकम को किसी नई स्कीम में दोबारा लगाता है, तो उसे LTCG टैक्स से छूट मिलनी चाहिए।
फिलहाल क्या है टैक्स नियम
मौजूदा नियमों के तहत 1 साल से ज्यादा रखे गए शेयरों पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स 12.5% की दर से लगता है। शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स 20% है। इसके अलावा ट्रेड पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) और डिविडेंड पर विदहोल्डिंग टैक्स भी चुकाना पड़ता है।
एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार यह प्रस्ताव मान लेती है तो यह भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ा बूस्टर साबित होगा। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) के चेयरमैन और सह-संस्थापक रामदेव अग्रवाल ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो इसे बाजार के लिए बेहद सकारात्मक विकास के तौर पर देखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बजट में होने वाली अंतिम घोषणा का इंतजार करना होगा, क्योंकि बजट आने में अभी कुछ महीने बाकी हैं।
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) का भी मानना है कि कैपिटल गेन्स टैक्स में किसी भी तरह की कटौती से भारतीय बाजार विदेशी निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक बनेगा और देश में विदेशी फंड का प्रवाह फिर तेजी से बढ़ेगा।
(नोट: शेयर बाजार में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें)