करियर। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग एशिया 2027 जारी हो गई है। इसमें भारत की मौजूदगी पहले से मजबूत हुई है। इस बार भारत के 325 उच्च शिक्षण संस्थानों को सूची में जगह मिली है, जिनमें 34 संस्थान पहली बार शामिल हुए हैं। संख्या के मामले में भारत अब चीन के बाद एशिया में दूसरे स्थान पर है। हालांकि तस्वीर पूरी तरह अच्छी नहीं है, क्योंकि देश के छह शीर्ष संस्थानों की रैंकिंग पिछले साल के मुकाबले नीचे आई है। इस साल की रैंकिंग में 26 उच्च शिक्षा प्रणालियों के कुल 1722 विश्वविद्यालय शामिल हैं।
आईआईटी दिल्ली नंबर एक, पर सात पायदान नीचे
आईआईटी दिल्ली इस बार भी भारत का सबसे बेहतर रैंक वाला संस्थान है, लेकिन एशिया में वह 59वें से फिसलकर 66वें स्थान पर आ गया। दूसरे नंबर पर आईआईएससी बंगलूरू है और तीसरे नंबर पर आईआईटी बॉम्बे।
बाकी टॉप संस्थानों का हाल
आईआईटी मद्रास, आईआईटी खड़गपुर और आईआईटी कानपुर की रैंक भी नीचे आई है। इस तरह भारत के सभी छह शीर्ष संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट दर्ज हुई है।
टॉप 200 में भारत की मौजूदगी
2027 की रैंकिंग में एशिया के टॉप 200 में 21 भारतीय विश्वविद्यालय।
2026 की रैंकिंग में यह संख्या 20 थी।
2018 में यह संख्या 17 थी।
71 फीसदी भारतीय संस्थानों की रैंक नीचे आई।
18 फीसदी संस्थानों ने सुधार किया।
11 फीसदी की रैंक में कोई बदलाव नहीं हुआ।
एशिया में हांगकांग विश्वविद्यालय फिर नंबर एक
हांगकांग विश्वविद्यालय ने लगातार दूसरे साल एशिया में पहला स्थान बरकरार रखा। सिंघुआ विश्वविद्यालय ने बड़ी छलांग लगाई है और पिछले साल के नौवें स्थान से सीधे तीसरे नंबर पर पहुंच गया। इसके साथ चीन के दो विश्वविद्यालय एशिया के टॉप तीन में आ गए हैं।
एशिया के टॉप 5 विश्वविद्यालय
पहले नंबर पर हांगकांग विश्वविद्यालय।
दूसरे नंबर पर पेकिंग विश्वविद्यालय।
तीसरे नंबर पर सिंघुआ विश्वविद्यालय, पिछले साल नौवें स्थान पर था।
चौथे नंबर पर सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग।
पांचवें नंबर पर चाइनीज यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग।