Breaking News
  • भारत की लगातार दूसरी जीत, इटली पहली बार जीता, श्रीलंका 105 रन से नेपाल को हराया
  • दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्टों की रैंकिंग में भारत का पासपोर्ट 75वें स्थान पर पहुंचा
  • बांग्लादेश चुनाव में हिंसा- एक की मौत, दो वोटिंग सेंटर के बाहर बम धमाके
  • चांदी आज 5,835 गिरकर 2.61 लाख किलो हुई, सोना 1,175 गिरकर1.56 लाख पर आया
  • हरिद्वार-ऋषिकेश के मंदिरों में फटी जींस-स्कर्ट में नहीं मिलेगी एंट्री
  • बांग्लादेश में चुनाव की पूर्व संध्या पर एक और हिंदू की हत्या
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देंगी
  • बांग्लादेश में वोटिंग जारी, सुबह-सुबह मतदान केंद्रों पर वोटर्स की लंबी कतार
  • नई श्रम संहिता के खिलाफ देशभर में हड़ताल पर ट्रेड यूनियन, आज भारत बंद

होम > यूटिलिटी

परीक्षा पे चर्चा: PM मोदी बोले- टेक्नोलॉजी के गुलाम मत बनो, क्षमता बढ़ाओ

परीक्षा पे चर्चा: PM मोदी बोले- टेक्नोलॉजी के गुलाम मत बनो, क्षमता बढ़ाओ

जानिए PM मोदी ने परिक्षा पे चर्चा में क्या कहा? बच्चों को टेक्नोलॉजी का सही उपयोग करने की सलाह दी

परीक्षा पे चर्चा pm मोदी बोले- टेक्नोलॉजी के गुलाम मत बनो क्षमता बढ़ाओ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें एडिशन के दूसरे एपिसोड में देशभर के छात्रों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को टेक्नोलॉजी का सही उपयोग, पढ़ाई में प्रैक्टिस और लीडरशिप स्किल्स विकसित करने की सलाह दी।

पीएम मोदी ने कहा कि कभी भी टेक्नोलॉजी का गुलाम नहीं बनना चाहिए। इसका इस्तेमाल अपनी क्षमता (Capacity) और कौशल (Skill) बढ़ाने के लिए करना चाहिए। बच्चों से बातचीत के दौरान उन्होंने पढ़ाई में लिखकर अभ्यास करने और पुराने पेपर सॉल्व करने की अहमियत भी बताई।

छात्रों के लिए पीएम मोदी की चार बड़ी सीख:

कमजोर क्लासमेट्स की मदद करें

पीएम मोदी ने कहा कि कमजोर छात्रों की मदद करने से न केवल उनका सीखना आसान होता है बल्कि आप भी बेहतर तरीके से समझते हैं। दूसरों को पढ़ाने से खुद का ज्ञान मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि उनसे दोस्ती करनी चाहिए।

परीक्षा के तनाव को दूर करें

छात्रों से उन्होंने कहा कि आप पुराने पेपर सॉल्व करने की आदत डालें। इससे आपको पता लगेगा कि पहले भी तनाव होता था, लेकिन जब आप पेपर देकर आ जाते हैं, तो तनाव कम हो जाता है। परीक्षा में सबसे अच्छी चीज यह है कि आप पेपर सॉल्व करना शुरू कर दें। इससे तनाव भी कम होता है और लिखने की आदत भी बनी रहती है।

स्टूडेंट की नजर से दुनिया देखें

पीएम मोदी ने कहा कि आप अपनी स्टूडेंट की नजरों से दुनिया को देखें। यानी अगर आप कहीं घूमने जा रहे हैं, तो पहले अपनी तहसील में देखें, फिर जिला और फिर राज्य में। इससे आप लगातार सीखते रहते हैं।

पहले निडर बनें, फिर लीडर

“पहले निडर बनो, जो काम है, मन में तय करो कि कोई और करे या ना करे, मैं करूँगा। जब आप ऐसा सोचने लगेंगे, तो अपने आप लीडरशिप क्वालिटी विकसित हो जाएगी। उदाहरण के लिए, मान लीजिए कहीं कचरा पड़ा है, तो आप उठाना शुरू कर दें। इससे आपको देखकर चार और लोग भी ऐसा ही करेंगे।”

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का पहला एपिसोड 6 फरवरी को दिल्ली स्थित पीएम आवास पर हुआ था। इस दौरान पीएम मोदी ने छात्रों को स्वदेशी अपनाने, विकसित भारत का सपना देखने और आत्मविश्वास बढ़ाने की सलाह दी।