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आईआरएफसी में सरकार बेच रही हिस्सेदारी

इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन में 4% हिस्सा बेच रही सरकार, 25 फरवरी से खुला OFS

केंद्र सरकार ने रेल वित्त निगम में चार प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू की। हिस्सेदारी बिक्री प्रस्ताव खुलते ही शेयर में गिरावट दर्ज की गई।


इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन में 4 हिस्सा बेच रही सरकार 25 फरवरी से खुला ofs

IRFC Share Price OFS |

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन में अपनी हिस्सेदारी घटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी के तहत पच्चीस फरवरी से हिस्सेदारी बिक्री प्रस्ताव खुला, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में दिन के कारोबार के दौरान करीब चार प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई। भाव गिरकर एक सौ चार रुपये पचहत्तर पैसे तक पहुंच गया, जो बावन सप्ताह का नया निचला स्तर माना जा रहा है।

दो चरणों में हिस्सेदारी बिक्री

सरकार इस सार्वजनिक उपक्रम में कुल चार प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। पहले चरण में दो प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर छब्बीस करोड़ तेरह लाख इक्विटी शेयर पेश किए जा रहे हैं। यह पेशकश पच्चीस फरवरी को संस्थागत निवेशकों के लिए खुली, जबकि खुदरा निवेशकों को छब्बीस फरवरी को अवसर मिलेगा।

अतिरिक्त विकल्प भी रखा गया

सरकार ने अतिरिक्त बिक्री विकल्प भी रखा है, जिसके तहत जरूरत पड़ने पर उतनी ही मात्रा में और शेयर बेचे जा सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया के लिए प्रति शेयर एक सौ चार रुपये का न्यूनतम मूल्य तय किया गया है।

सरकार की हिस्सेदारी और नियमों का पहलू

फिलहाल कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी छियासी दशमलव छत्तीस प्रतिशत है, जो न्यूनतम सार्वजनिक भागीदारी नियमों से अधिक है। दिसंबर दो हजार पच्चीस तिमाही के अंत तक कंपनी के पास इक्यावन लाख से अधिक खुदरा शेयरधारक थे, जिनकी हिस्सेदारी करीब नौ दशमलव पांच प्रतिशत रही। कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग एक लाख सैंतीस हजार करोड़ रुपये है।

सूचीबद्ध होने के बाद का प्रदर्शन

कंपनी जनवरी दो हजार इक्कीस में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई थी। उस समय सार्वजनिक निर्गम को अच्छा प्रतिसाद मिला था। हालांकि पिछले छह महीनों में शेयर में करीब पंद्रह प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। बावन सप्ताह का समायोजित उच्च स्तर एक सौ अड़तालीस रुपये नब्बे पैसे रहा है।

तिमाही और वार्षिक नतीजे

अक्टूबर से दिसंबर दो हजार पच्चीस तिमाही में कंपनी का स्वतंत्र आधार पर राजस्व छह हजार छह सौ इकसठ करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि शुद्ध लाभ लगभग एक हजार आठ सौ दो करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष दो हजार पच्चीस में राजस्व सत्ताईस हजार एक सौ बावन करोड़ रुपये से अधिक और शुद्ध लाभ छह हजार पांच सौ दो करोड़ रुपये रहा।

बाजार का हाल

पच्चीस फरवरी को भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। प्रमुख सूचकांक ऊंचाई पर रहे, हालांकि कुछ क्षेत्रीय सूचकांकों में हल्की कमजोरी भी देखने को मिली।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी जानकारी सिर्फ सूचना के लिए है। बता दें कि मार्केट में इंवेस्टमेंट बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। स्वदेश की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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