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Google Discover का बड़ा बदलाव:फरवरी 2026 कोर अपडेट में लोकल कंटेंट को तवज्जो

Google Discover का बड़ा बदलाव:फरवरी 2026 कोर अपडेट में लोकल कंटेंट को तवज्जो

Google ने फरवरी 2026 का Discover Core Update जारी किया, जिसमें लोकल कंटेंट, मौलिक रिपोर्टिंग और क्लिकबेट कम करने पर फोकस किया है।

google discover का बड़ा बदलावफरवरी 2026 कोर अपडेट में लोकल कंटेंट को तवज्जो

गूगल ने 2026 की शुरुआत में ही कंटेंट पब्लिशर्स और मीडिया इंडस्ट्री को साफ संकेत दे दिया है कि अब डिस्कवर में वही टिकेगा जो लोकल, भरोसेमंद और गहराई वाला होगा। गुरुवार को जारी किए गए फरवरी 2026 के कोर अपडेट में गूगल ने अपने Discover फीड को लेकर बड़े बदलावों की घोषणा की है। इस अपडेट का सीधा असर उस कंटेंट पर पड़ेगा, जो गूगल ऐप और एंड्रॉयड डिवाइस पर दिखने वाले पर्सनलाइज्ड कंटेंट कैरोसेल में यूजर्स को नजर आता है।

क्या है फरवरी 2026 का Discover Core Update

माउंटेन व्यू स्थित टेक दिग्गज ने अपने एक सपोर्ट पेज पर बताया कि यह अपडेट फिलहाल अमेरिका में अंग्रेजी भाषा के यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है। आने वाले महीनों में इसे चरणबद्ध तरीके से ग्लोबल लेवल पर लागू किया जाएगा। गूगल के मुताबिक, इन एल्गोरिदम बदलावों का पहले ही टेस्ट किया जा चुका है और शुरुआती नतीजों में यूजर्स ने Discover अनुभव को “ज्यादा उपयोगी और सार्थक” बताया है।

फरवरी 2026 का Discover अपडेट मुख्य रूप से तीन बड़े बदलावों पर आधारित है।

1. लोकल कंटेंट को मिलेगी प्राथमिकता

अब Discover सिस्टम यूजर के देश में स्थित वेबसाइटों से आने वाली स्थानीय रूप से प्रासंगिक सामग्री को ज्यादा महत्व देगा। यानी भारत में मौजूद यूजर्स को भारत के पब्लिशर्स और लोकल न्यूज वेबसाइट्स की सामग्री ज्यादा दिखेगी।

2. क्लिकबेट और सनसनीखेज कंटेंट पर लगाम

गूगल सनसनीखेज हेडलाइंस और भ्रामक क्लिकबेट कंटेंट को कम करना चाहता है। इसका मतलब यह है कि केवल ध्यान खींचने वाले टाइटल्स, लेकिन कमजोर कंटेंट वाले आर्टिकल्स अब Discover में कम दिखेंगे। यूजर्स को अब अपने देश के ऐसे पब्लिकेशन्स से खबरें दिखेंगी, जो विषय को संतुलित और तथ्यात्मक तरीके से पेश करते हैं।

3. गहन, मौलिक और विषय-विशेष विशेषज्ञता को बढ़ावा

तीसरा और शायद सबसे अहम बदलाव है टॉपिक-बेस्ड एक्सपर्टीज पर फोकस। गूगल अब वेबसाइट की समग्र प्रतिष्ठा के बजाय यह देखेगा कि कोई साइट किसी खास विषय को कितनी गहराई से कवर करती है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी लोकल न्यूज वेबसाइट का बागवानी सेक्शन मजबूत है, तो उसी सेक्शन की स्टोरीज़ को अच्छी रैंकिंग मिल सकती है, भले ही बाकी सेक्शन्स उतने विस्तृत न हों। वहीं, किसी बड़े पोर्टल पर किसी विषय पर सिर्फ एक-दो लेख होने से उसे उतना फायदा नहीं मिलेगा।

ट्रैफिक में उतार-चढ़ाव संभव

गूगल ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी कोर अपडेट्स की तरह, इस बदलाव से Discover ट्रैफिक में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कुछ वेबसाइट्स पर ट्रैफिक बढ़ सकता है, कुछ पर गिरावट आ सकती है, जबकि कई साइट्स पर कोई खास असर नहीं होगा। कंपनी ने फिलहाल ट्रैफिक इम्पैक्ट या तकनीकी बदलावों से जुड़े कोई आंकड़े साझा नहीं किए हैं। हालांकि, रोलआउट आगे बढ़ने के साथ Google Search Console जैसे टूल्स आने वाले हफ्तों में इसके असर को ज्यादा साफ तौर पर दिखाएंगे।