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FASTag Rules 2026: Wrong Data Tags to Be Blacklist

FASTag पर सख्ती: गलत जानकारी वाले टैग होंगे ब्लैकलिस्ट, NHAI के नए निर्देश जारी

NHAI ने FASTag डेटा में गड़बड़ी पर सख्ती दिखाई है। गलत वाहन नंबर वाले टैग ब्लैकलिस्ट होंगे। बैंकों को VRN वेरिफिकेशन के निर्देश।


fastag पर सख्ती गलत जानकारी वाले टैग होंगे ब्लैकलिस्ट nhai के नए निर्देश जारी

नई दिल्लीः देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने FASTag जारी करने वाले बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर (VRN) का तत्काल सत्यापन करें।

डेटा में गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई

नई गाइडलाइन के अनुसार, अगर किसी FASTag में दर्ज वाहन नंबर वास्तविक नंबर प्लेट से मेल नहीं खाता है, तो ऐसे टैग को तुरंत ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। यह कदम टोल प्लाजा पर बढ़ रही शिकायतों के बाद उठाया गया है, जहां रीडर द्वारा कैप्चर किया गया नंबर और वाहन का असली नंबर अलग पाया गया।

बैंकों को सख्त निर्देश

सरकार की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी में कहा गया है कि सभी बैंक अपने द्वारा जारी किए गए FASTag डेटा की जांच करें और उसे VAHAN डेटाबेस से मिलान करें। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) सिस्टम में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को खत्म करना है। अधिकारियों के अनुसार, गलत डेटा के कारण सरकार को टोल राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा यह मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत दंडनीय भी है। ऐसी गड़बड़ियां कानून लागू करने वाली एजेंसियों के काम में भी बाधा पैदा करती हैं।

पुराने FASTag में ज्यादा दिक्कत

बताया गया है कि यह समस्या विशेष रूप से उन FASTag में ज्यादा देखी जा रही है, जो VAHAN सिस्टम से लिंक होने से पहले जारी किए गए थे। उस समय वेरिफिकेशन प्रक्रिया मैन्युअल थी, जिससे त्रुटियों की संभावना अधिक रही। अब सरकार का फोकस सभी पुराने और नए FASTag डेटा को एकीकृत डिजिटल सिस्टम से जोड़ने पर है, ताकि भविष्य में किसी तरह की विसंगति न हो। 

इस फैसले के बाद वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने FASTag की जानकारी तुरंत जांच लें और जरूरत होने पर बैंक से अपडेट कराएं। आने वाले समय में गलत डेटा वाले टैग के कारण टोल प्लाजा पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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