बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि केवल व्हाट्सएप चैट के आधार पर क्रूरता मानकर तलाक नहीं दिया जा सकता। पत्नी को साक्ष्य खंडन का अवसर दिए बिना पारिवारिक अदालत का फैसला रद्द।
स्वदेश डेस्क
2026-03-04 15:18:43