भारतीय नारीवाद की अवधारणा पश्चिमी विचारों से अलग सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि प्रस्तुत करती है। शक्ति, देवी परंपरा और भक्ति आंदोलन के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण की एक अलग व्याख्या सामने आती है।
स्वदेश डेस्क
2026-03-11 11:03:07