“जिसे तुम समझ रहें हो समझौता, वह है भारतीय सामर्थ्य की सधी हुई गर्जना। जिसे तुम मान रहे हो मौन, वह है प्रचंड प्रतिशोध की पूर्वपीठिका।”
Swadesh Editor
2025-05-11 16:55:27