AI इम्पैक्ट समिट 2026 में नई दिल्ली डिक्लेरेशन से मानवता-केंद्रित एआई का संदेश, वहीं कांग्रेस के प्रदर्शन ने खड़ा किया विवाद
दिल्ली के भारत मंडपम में संपन्न हुई एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के समापन पर जारी किया गया ‘नई दिल्ली डिक्लेरेशन’ मानवता के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। भारत ने एक बार फिर ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को दुनिया के सामने रखते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि टेक्नोलॉजी तभी सफल होगी, जब उसका लाभ समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे।
इस समिट में दुनिया के ताकतवर देशों ने एक स्वर में माना कि एआई का विकास किसी एक देश की जागीर नहीं होना चाहिए। इसे लोकतांत्रिक तरीके से सभी के लिए सुलभ बनाना होगा। इस ऐतिहासिक घोषणा-पत्र में सात चक्रों पर फोकस किया गया है, जो शिक्षा से लेकर अर्थव्यवस्था तक हर सेक्टर में क्रांति लाने का दम रखते हैं।
समिट में हिस्सा लेने वाले देशों ने यह भी स्वीकार किया कि हम आज तकनीकी विकास के उस मोड़ पर खड़े हैं, जहां हमारे फैसले अगली पीढ़ी का भविष्य तय करेंगे। भारत ने इस मंच से दुनिया को यह संदेश दिया कि एआई का उपयोग केवल व्यापार के लिए नहीं, बल्कि सोशल गुड और आर्थिक समानता के लिए भी होना चाहिए। यही वजह है कि यह समिट खास रही, क्योंकि इसमें न केवल अमीर देशों बल्कि विकासशील देशों की जरूरतों को भी केंद्र में रखा गया।
इस समिट में एक तरफ भारत की प्रतिभा और बुद्धिमत्ता का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, तो दूसरी ओर कांग्रेस की निम्नता और नग्नता का एक शर्मनाक दृश्य भी भारत सहित पूरे विश्व ने देखा। पहले से बनाई गई योजना के तहत युवा कांग्रेस नेता समिट में घुसे, कपड़े उतारकर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नारे लगाए।
हालांकि रंग में भंग डालने वाले इन युवा कांग्रेस नेताओं को वहां मौजूद आम लोगों ने ही पकड़ लिया, उनकी पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। प्रदर्शन करने वाले युवा कांग्रेस नेता गिरफ्तार किए गए, लेकिन कांग्रेस की इस घटिया हरकत की चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है।
सवाल यह है कि क्या यह सब कांग्रेस आलाकमान की सहमति से किया गया? क्या किसी वैश्विक मंच को राजनीति का अड्डा बनाना सही है? क्या कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में इतनी अंधी हो गई है कि उसे यह भी नहीं दिखता कि उसकी इन हरकतों से देश की छवि पर क्या असर पड़ेगा?
कांग्रेस ने जो कुछ किया, उसे सिर्फ नकारात्मक राजनीति कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इससे पहले कभी किसी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इस तरह की निम्न स्तरीय और नग्न राजनीति का प्रदर्शन नहीं हुआ। राजनीति की मर्यादाओं को तोड़ते-तोड़ते कांग्रेस आज उस स्थिति में पहुंच गई है, जहां राजनीति और राष्ट्र-विरोध की सीमा समाप्त होती दिख रही है।
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अब तक राहुल गांधी विदेश जाकर भारत के खिलाफ अपमानजनक, आपत्तिजनक और निंदनीय बयान देते थे। अब राहुल गांधी के इशारे पर युवा कांग्रेस नेताओं ने भारत की धरती पर ही विदेशी मेहमानों के सामने देश की छवि खराब करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस नेताओं द्वारा शर्ट उतारकर किया गया प्रदर्शन कोई हैरानी की बात नहीं है। यह बदली हुई कांग्रेस की बदली हुई संस्कृति है। इसी संस्कृति की झलक कुछ दिन पहले संसद में बजट सत्र के दौरान भी देखने को मिली थी, जब प्रधानमंत्री मोदी को शर्मिंदा करने की मंशा से कांग्रेस की महिला सांसदों को आगे किया गया था।
आज कांग्रेस ने एआई समिट में अपने कार्यकर्ताओं के कपड़े उतरवा दिए। यह निहायत ही शर्मनाक घटना है, क्योंकि एआई समिट न तो मोदी की थी और न ही भाजपा की। प्रधानमंत्री मोदी की छवि को नुकसान पहुंचाने के चक्कर में कांग्रेस ने भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। यह कोशिश योजनाबद्ध तरीके से पूरे होशो-हवास में की गई। इसी वजह से पुराने कांग्रेस नेता भी मानते हैं कि यह हरकत कांग्रेस की विरासत का भी अपमान है।