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25 साल सेवा: मोदी की उपलब्धियाँ

सेवा के 25 साल:प्रधानमंत्री ने वैश्विक मंच पर बढ़ाई भारत की प्रतिष्ठा व सम्मानः डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी ने 25 वर्षों में भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत की। उनकी नेतृत्व यात्रा में सामरिक और विकास संबंधी उपलब्धियाँ शामिल हैं।


सेवा के 25 सालप्रधानमंत्री ने वैश्विक मंच पर बढ़ाई भारत की प्रतिष्ठा व सम्मानः डॉ यादव

गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में ढाई दशक की गौरवपूर्ण यात्रा पर विशेष

राजनीति के मैदान में ऐसे अनेक नेता और जननेता हुए हैं, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। इनमें कुछ अपनी प्रशासनिक क्षमता के लिए जाने गए, तो कुछ ने अपने राजनीतिक कौशल से अलग पहचान बनाई। लेकिन ऐसे नेता विरले ही होते हैं, जो संगठन से निकलकर मुख्यमंत्री के रूप में अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यकुशलता की मिसाल कायम करें और आगे चलकर प्रधानमंत्री के रूप में न केवल देश की राजनीति और शासन-व्यवस्था को नई दिशा दें, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा और प्रभाव को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।

विकास, सुशासन और जनभागीदारी को केंद्र में रखा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सार्वजनिक जीवन ऐसी ही असाधारण यात्रा का उदाहरण है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लगभग 13 वर्षों तक उन्होंने शासन की एक ऐसी शैली विकसित की, जिसमें विकास, सुशासन और जनभागीदारी को केंद्र में रखा गया। इसके बाद वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने भारत को आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और विश्व में प्रभावशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए। आज भारत विश्व राजनीति में एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। अमेरिका और रूस जैसे देशों के साथ संबंधों में संतुलन बनाए रखना हो, पश्चिम एशिया में भारत के हितों की रक्षा करनी हो या रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे जटिल अंतरराष्ट्रीय विषयों पर शांति और संवाद का पक्ष रखना हो, प्रधानमंत्री ने भारतीय दृष्टिकोण को मजबूती से दुनिया के सामने रखा है।

प्रधानमंत्री ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया

राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री मोदी ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। उड़ी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा आतंकी हमले के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत आतंकवाद को सहन करने वाला देश नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर ने भी आतंकवाद के विरुद्ध भारत के संकल्प को दुनिया के सामने दृढ़ता से रखा।हाल ही में दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के माध्यम से भारत ने वैश्विक मंच पर स्वयं को एक संतुलित, व्यावहारिक और नीतिगत रूप से स्वायत्त राष्ट्र के रूप में मजबूती से स्थापित किया है, जो वैश्विक दक्षिण की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है और पश्चिमी देशों तथा पूर्वी शक्तियों के बीच संवाद का संतुलन बनाए रखने में सक्षम है। भारत ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि ब्रिक्स किसी पश्चिम-विरोधी गुट के रूप में नहीं, बल्कि एक समावेशी और सुधारात्मक बहुपक्षीय मंच के रूप में कार्य करता है।

मानवता के प्रति अपने दायित्व को भी निभाया: डॉ. मोहन यादव

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी रही है कि संकट के समय भारत ने केवल अपने नागरिकों की ही चिंता नहीं की, बल्कि मानवता के प्रति अपने दायित्व को भी निभाया। कोरोना महामारी के कठिन दौर में भारत ने जिस प्रकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और जरूरतों का ध्यान रखा, वह अभूतपूर्व था। इसके साथ ही भारत ने अनेक देशों को दवाइयां, वैक्सीन और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से लेकर तुर्किए तक, जब भी आवश्यकता पड़ी, भारत ने सहायता का हाथ बढ़ाया।

सेवा को साधना व राष्ट्र निर्माण को अपना ध्येय बनाया

'परिश्रम में जो तपा है, उसने ही तो इतिहास रचा है, जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा है, उसने ही समय को मोड़ा है, समय को मोड़ देने का भी यही समय है, सही समय है।'यह उद्घोष आज भारत के उस नेतृत्व के प्रति हमारे विश्वास को व्यक्त करता है, जिसने सेवा को साधना और राष्ट्र निर्माण को अपना ध्येय बनाया है। आइए, प्रधानमंत्री की 25 वर्षों की सेवा यात्रा के अवसर पर हम भी राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में अपनी आहुति देने का संकल्प लें। देश के लिए नई उम्मीदों का दीप जलाएं, अपने सामर्थ्य के अनुसार योगदान दें और उस भारत के निर्माण में सहभागी बनें, जिसका सपना हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों ने देखा था।

घरों और प्रतिष्ठानों में आशीर्वाद का दीप जलाएं

प्रधानमंत्री के जन्मदिन 17 सितंबर को हम सभी अपने घरों और प्रतिष्ठानों में आशीर्वाद का एक दीप जलाएं और उनकी दीर्घायु, स्वस्थ एवं यशस्वी जीवन की कामना करें। यह दीप उस विश्वास का प्रतीक बने कि भारत की विकास यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहे, देश आत्मनिर्भर एवं शक्तिशाली बने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प साकार हो।'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' की भावना के साथ विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की यात्रा निरंतर आगे बढ़े, यही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर हमारी सबसे बड़ी शुभकामना है।

'जिसने जीवन संवारा, उसको नमन हमारा।'

डॉ.मोहन यादव

(लेखक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।)

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