ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सिम-बाइंडिंग नियम नहीं बदले जाएंगे। मैसेजिंग ऐप्स में सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है, डिजिटल धोखाधड़ी रोकना उद्देश्य।
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सिम-बाइंडिंग नियमों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मुद्दे राजस्व निहितार्थों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। सिम-बाइंडिंग नियमों के तहत व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे मैसेजिंग ऐप्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि खाता पंजीकृत करने वाला सिम डिवाइस में सक्रिय हो। यदि सिम हटाया या निष्क्रिय किया जाता है, तो ऐप काम करना बंद कर देगा। इसका उद्देश्य डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराध को रोकना है।
लॉग आउट और सत्र नियम
सिंधिया ने कहा कि इंटरनेट पर सक्रिय सत्रों की अवधि को नियंत्रित करने वाले नियम भी बनाए रखे जाएंगे। सभी वेब सत्र छह घंटे के बाद लॉग आउट होंगे। यह नियम केवल वर्चुअल कनेक्शन पर लागू होंगे, मोबाइल फोन ऐप पर नहीं। व्हाट्सएप वेब जैसी साथी सेवाओं पर इसका प्रभाव पड़ेगा। वर्तमान में ऐप्स वन-टाइम पासवर्ड (OTP) के जरिए फोन नंबर सत्यापित करते हैं।

स्पेक्ट्रम नीलामी और उपग्रह सेवाएं
सिंधिया ने बताया कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने अगली स्पेक्ट्रम नीलामी पर सिफारिशें दी हैं। दूरसंचार विभाग इन सिफारिशों का मूल्यांकन कर आगे निर्णय लेगा।सिफारिशों में स्पेक्ट्रम बैंड और आरक्षित मूल्य निर्धारण शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में उपग्रह सेवाएं शुरू करने की योजना है, लेकिन यह स्पेक्ट्रम कीमत और सुरक्षा अनुपालनों पर निर्भर करेगा। सिंधिया का यह बयान डिजिटल सुरक्षा और दूरसंचार नियमों के सख्त पालन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।