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सोनीपत की बेटी ने रचा इतिहास, वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड

सोनीपत की बेटी ने रचा इतिहास, वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड

सोनीपत की बेटी ने रचा इतिहास वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड

Gold Medal In U 20 World Wrestling Championship: सोनीपत की युवा पहलवान काजल ने एक बार फिर भारत का मान बढ़ाया है। बुल्गारिया के समोकोव में आयोजित U-20 विश्व चैंपियनशिप में काजल ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। टैक्सी ड्राइवर की बेटी काजल ने 9 साल की उम्र से कुश्ती की शुरुआत की थी । अब अपनी कड़ी मेहनत और जुनून से वह दूसरी बार विश्व स्तर पर चमक बिखेर रही हैं।

चीन की पहलवान को हराकर जीता लगातार दूसरा गोल्ड

काजल ने 72 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में चीन की यूकी लियू को 8-6 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए काजल ने विरोधी खिलाड़ी को करारी शिकस्त दी और एक बार फिर साबित किया कि वह बड़े मंच की बड़ी खिलाड़ी हैं। यह उनका लगातार दूसरा विश्व चैंपियनशिप गोल्ड है, क्योंकि पिछले साल भी वह अंडर-17 कैटेगरी में चैंपियन बनी थीं।

काजल का लगातार दमदार प्रदर्शन

सोनीपत के सेक्टर-23 की रहने वाली काजल ने पिछले साल 2024 में अंडर-17 विश्व चैंपियनशिप के 69 किग्रा भार वर्ग में यूक्रेन की ओलेक सांद्रा रिबाक को 9-2 से हराकर गोल्ड मेडल जीता था। अब हाल ही में आयोजित अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में भी उन्होंने अपना दबदबा कायम रखते हुए एक और गोल्ड पर कब्जा जमाया। उनके इस लगातार शानदार प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि काजल आने वाले समय में भारतीय कुश्ती की एक बड़ी स्टार बनने जा रही हैं।

सफलता की कहानी

सोनीपत के लाठ गांव में जन्मी काजल साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता टैक्सी चलाकर अपनी बेटी के सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं। काजल के चाचा कृष्ण पहलवान का भी सपना था कि वे कुश्ती में आगे बढ़ें, लेकिन परिस्थितियों के कारण यह संभव न हो पाया। इसके बाद उन्होंने काजल को इस खेल के लिए प्रेरित किया। मेहनत और परिवार के मजबूत समर्थन की बदौलत काजल ने 16 साल की उम्र में 16 बार भारत केसरी का खिताब जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

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