Champions Trophy 2025: क्रिकेट इतिहास में 22 फरवरी 2025 का दिन एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। पहली बार ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमें पाकिस्तान की सरजमीं पर आमने-सामने होंगी। वो भी चैंपियंस ट्रॉफी के हाई-वोल्टेज मुकाबले में। लाहौर का ऐतिहासिक गद्दाफी स्टेडियम इस महाकाव्य जैसी भिड़ंत का गवाह बनेगा।
पाकिस्तान में पहली बार होगी ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड की ऐतिहासिक टक्कर
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बहाने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड पहली बार पाकिस्तान की सरजमीं पर आमने-सामने होंगे। यह नजारा वहां के क्रिकेट प्रशंसकों के लिए ऐतिहासिक होगा। लाहौर में होने वाला यह मुकाबला न केवल टूर्नामेंट का हाई-वोल्टेज मैच होगा बल्कि पाकिस्तान में इन दोनों टीमों की पहली अंतरराष्ट्रीय भिड़ंत भी होगी। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मुकाबले से टूर्नामेंट का 16 साल पुराना इतिहास बदल जाएगा?
चैंपियंस ट्रॉफी में 2009 के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अजेय रहा इंग्लैंड
चैंपियंस ट्रॉफी में अब तक इंग्लैंड का ऑस्ट्रेलिया पर दबदबा रहा है। दोनों टीमों के बीच इस टूर्नामेंट में कुल पांच मुकाबले हुए हैं, जिनमें से तीन बार इंग्लैंड ने जीत दर्ज की है। वहीं ऑस्ट्रेलिया को केवल दो बार सफलता मिली है। हालांकि ऑस्ट्रेलिया की ये दोनों जीत 2006 और 2009 के चैंपियंस ट्रॉफी में आई थी।
खास बात यह है कि 2009 के फाइनल में इंग्लैंड को हराने के बाद से ऑस्ट्रेलिया इस टूर्नामेंट में इंग्लैंड के खिलाफ कोई मैच नहीं जीत पाया है। इसके बाद 2013 और 2017 में हुए मुकाबलों में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को हराया था। दिलचस्प बात यह है कि दोनों टीमें पहली बार 2004 की चैंपियंस ट्रॉफी में भिड़ी थीं और तब भी इंग्लैंड ने जीत हासिल की थी।

आंकड़े क्या कहते हैं?
अगर पिछले 5 वनडे मुकाबलों पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलिया 3-2 से इंग्लैंड पर बढ़त बनाए हुए है। ओवरऑल रिकॉर्ड में भी 161 वनडे मैचों में 95 जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी है, जबकि इंग्लैंड ने 61 मैच जीते हैं।
आंकड़े बताते हैं कि ऑस्ट्रेलियाई टीम में दमखम है, लेकिन बड़े खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से उनकी धार और गति प्रभावित हुई है। ऐसे में चैंपियंस ट्रॉफी में लाहौर की पिच पर ऑस्ट्रेलिया किस रणनीति से इंग्लैंड को मात देगा यह देखना दिलचस्प होगा।