अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले विराट कोहली की हैमस्ट्रिंग चोट ने भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जानिए यह चोट कितनी गंभीर हो सकती है और टीम पर इसका क्या असर पड़ेगा।
अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू होने जा रही वनडे सीरीज से पहले भारतीय क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण तीनों वनडे मुकाबलों से बाहर हो गए हैं।
आईपीएल 2026 में शानदार फॉर्म में दिखे कोहली से टीम को काफी उम्मीदें थीं। उनकी गैरमौजूदगी सिर्फ बल्लेबाजी नहीं बल्कि टीम के अनुभव और संतुलन पर भी असर डाल सकती है। सीरीज शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे समय पर आई यह खबर टीम मैनेजमेंट के लिए नई चुनौती बन गई है। अब नजर इस बात पर है कि टीम उनके बिना मैदान पर कैसी रणनीति अपनाती है।
आईपीएल के बाद आई फिटनेस की चिंता
विराट कोहली आखिरी बार आईपीएल 2026 के फाइनल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेलते नजर आए थे। उस मुकाबले में उन्होंने नाबाद 75 रन बनाकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। माना जा रहा है कि इसी दौरान उन्हें हैमस्ट्रिंग से जुड़ी परेशानी हुई। आईपीएल सीजन में कोहली ने 16 मैचों में 675 रन बनाए थे। पूरे टूर्नामेंट में उनका बल्ला लगातार चला और उन्होंने एक शतक भी लगाया। ऐसे में अफगानिस्तान सीरीज में उनका बाहर होना भारतीय टीम के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
आखिर क्या होती है हैमस्ट्रिंग इंजरी
हैमस्ट्रिंग जांघ के पिछले हिस्से में मौजूद मांसपेशियों का समूह होता है। दौड़ते समय अचानक गति बढ़ाने, तेज मोड़ लेने या ऊंची छलांग लगाने के दौरान इन मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसी वजह से उनमें खिंचाव या फटने जैसी स्थिति बन सकती है। क्रिकेट, फुटबॉल और एथलेटिक्स जैसे खेलों में यह चोट काफी आम मानी जाती है। खिलाड़ियों को इससे उबरने में चोट की गंभीरता के हिसाब से कुछ दिन से लेकर कई सप्ताह तक का समय लग सकता है।
इन संकेतों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
हैमस्ट्रिंग इंजरी लगने के बाद आमतौर पर पैर के पिछले हिस्से में अचानक तेज दर्द महसूस होता है। कई मामलों में खिलाड़ी को मांसपेशी खिंचने जैसा एहसास भी होता है। कुछ घंटों के भीतर प्रभावित हिस्से में सूजन आ सकती है। त्वचा का रंग बदल सकता है और चलने या वजन डालने में परेशानी होने लगती है। गंभीर चोट की स्थिति में सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।
शुरुआती इलाज में क्या करें
हल्की या मध्यम चोट होने पर शुरुआती कुछ दिनों में आराम सबसे जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञ PRICE थेरेपी अपनाने की सलाह देते हैं। इसमें प्रभावित हिस्से को सुरक्षित रखना, आराम देना, बर्फ लगाना, दबाव वाली पट्टी का इस्तेमाल करना और पैर को ऊंचाई पर रखना शामिल है। इस दौरान गर्म सिकाई, मसाज या ऐसी गतिविधियों से बचने की सलाह दी जाती है जिनसे सूजन बढ़ सकती है। दर्द कम होने के बाद हल्की मूवमेंट शुरू की जा सकती है ताकि मांसपेशियां पूरी तरह जकड़ न जाएं।
गंभीर चोट में लंबा हो सकता है इंतजार
अगर मांसपेशी को ज्यादा नुकसान पहुंचा हो तो रिकवरी में कई सप्ताह या महीनों का समय लग सकता है। ऐसी स्थिति में फिजियोथेरेपी और विशेषज्ञ की निगरानी जरूरी हो जाती है। खेल विशेषज्ञ मानते हैं कि लगातार क्रिकेट, यात्रा और व्यस्त कार्यक्रम खिलाड़ियों की फिटनेस पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। ऐसे में वर्कलोड मैनेजमेंट की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
अफगानिस्तान सीरीज का कार्यक्रम
भारत और अफगानिस्तान के बीच पहला वनडे 13 जून 2026 को धर्मशाला में खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला 17 जून को लखनऊ में होगा। तीसरा और अंतिम वनडे 20 जून को चेन्नई में आयोजित किया जाएगा। तीनों मैच दोपहर 1:30 बजे शुरू होंगे। इससे पहले दोनों देशों के बीच 6 जून से 10 जून तक एकमात्र टेस्ट मैच भी खेला जाना है।
भारतीय टीम का दल
वनडे सीरीज के लिए शुभमन गिल को कप्तान बनाया गया है। टीम में रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, ईशान किशन, नीतीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे और हार्दिक पांड्या शामिल हैं।
विराट कोहली की अनुपस्थिति में अब बल्लेबाजी क्रम की जिम्मेदारी बाकी वरिष्ठ खिलाड़ियों पर बढ़ गई है। अफगानिस्तान सीरीज भारतीय टीम की बेंच स्ट्रेंथ और संयोजन की भी बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है।