Breaking News
  • भारत की लगातार दूसरी जीत, इटली पहली बार जीता, श्रीलंका 105 रन से नेपाल को हराया
  • दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्टों की रैंकिंग में भारत का पासपोर्ट 75वें स्थान पर पहुंचा
  • बांग्लादेश चुनाव में हिंसा- एक की मौत, दो वोटिंग सेंटर के बाहर बम धमाके
  • चांदी आज 5,835 गिरकर 2.61 लाख किलो हुई, सोना 1,175 गिरकर1.56 लाख पर आया
  • हरिद्वार-ऋषिकेश के मंदिरों में फटी जींस-स्कर्ट में नहीं मिलेगी एंट्री
  • बांग्लादेश में चुनाव की पूर्व संध्या पर एक और हिंदू की हत्या
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देंगी
  • बांग्लादेश में वोटिंग जारी, सुबह-सुबह मतदान केंद्रों पर वोटर्स की लंबी कतार
  • नई श्रम संहिता के खिलाफ देशभर में हड़ताल पर ट्रेड यूनियन, आज भारत बंद

होम > खेल

पहली बार BWF सुपर-300 सेमीफाइनल में पहुंचे, 75 मिनट की जंग में चीनी खिलाड़ी को हराया

पहली बार BWF सुपर-300 सेमीफाइनल में पहुंचे, 75 मिनट की जंग में चीनी खिलाड़ी को हराया

पहली बार bwf सुपर-300 सेमीफाइनल में पहुंचे 75 मिनट की जंग में चीनी खिलाड़ी को हराया

Macau Badminton Open 2025 Update: भारत के उभरते बैडमिंटन स्टार थारुन मन्नेपल्ली ने मकाऊ ओपन सुपर 300 टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेन्स सिंगल्स सेमीफाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने चीन के खिलाड़ी हु झे को रोमांचक मुकाबले में तीन गेमों तक चली कड़ी टक्कर के बाद हराया।

पहली बार सुपर 300 सेमीफाइनल में पहुंचने का गौरव

थारुन मन्नेपल्ली के करियर में यह एक खास उपलब्धि है, क्योंकि वे पहली बार किसी BWF सुपर 300 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचे हैं। इससे पहले फरवरी में उन्होंने जर्मन ओपन में क्वार्टरफाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन मकाऊ ओपन में उनका प्रदर्शन और भी दमदार रहा है।

मैच की शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद थारुन मन्नेपल्ली ने जबरदस्त वापसी की। पहले गेम में 4-7 से पीछे चलने के बाद उन्होंने लय पकड़ी और 21-12 से गेम जीत लिया। दूसरे गेम में चीन के हु झे ने आक्रामक खेल दिखाया और 21-13 से बराबरी कर ली।

निर्णायक तीसरे गेम में थारुन ने शुरुआती बढ़त हासिल कर दबदबा बनाया। हालांकि अंत में मुकाबला थोड़ा रोमांचक हो गया, लेकिन थारुन ने शांत दिमाग और दमदार शॉट्स के साथ 21-18 से गेम जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली।

थारुन मन्नेपल्ली का शानदार प्रदर्शन इस टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है। उन्होंने प्री क्वार्टरफाइनल में टॉप सीड खिलाड़ी ली चेउक यिउ को हराकर अपने आत्मविश्वास और कौशल का परिचय दिया। आठ साल की उम्र से बैडमिंटन खेलना शुरू करने वाले थारुन ने खम्मम से हैदराबाद तक का सफर बड़ी मेहनत से तय किया।

पुलेला गोपीचंद अकादमी में पिछले चार सालों की ट्रेनिंग ने उनके खेल में निखार लाया है। राष्ट्रीय खेलों में गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब मकाऊ ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंचना उनके करियर की एक और बड़ी छलांग है।

Related to this topic: