टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर ट्रॉफी के साथ मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे। मंदिर दर्शन को लेकर कीर्ति आजाद के बयान से नया विवाद भी खड़ा हुआ।
आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के जश्न का सिलसिला अभी भी जारी है। शनिवार को टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और हेड कोच गौतम गंभीर वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिवियानक मंदिर पहुंचे।
यहां दोनों ने भगवान गणेश के दर्शन किए और टीम की सफलता के लिए आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने भी खिलाड़ियों का स्वागत किया। ट्रॉफी के साथ तस्वीरें लेने के लिए काफी उत्साह भी देखा गया।
पहले अहमदाबाद के हनुमान मंदिर भी पहुंचे थे खिलाड़ी
इससे पहले 8 मार्च को टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम के कुछ खिलाड़ी ट्रॉफी लेकर अहमदाबाद के एक हनुमान मंदिर भी पहुंचे थे। इसको लेकर बवाल मच गया था।
कीर्ति आजाद ने उठाए थे सवाल
हालांकि इस पूरे मामले पर सियासत भी देखने को मिली। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि विश्व कप जीतने वाली टीम में अलग-अलग धर्मों के खिलाड़ी शामिल हैं। ऐसे में ट्रॉफी को सिर्फ मंदिर ले जाना ठीक नहीं है। उनके मुताबिक इस पर टीम को सोचना चाहिए।
गंभीर ने दिया जवाब
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कोच गौतम गंभीर ने कहा था कि यह पूरे देश के लिए गर्व का पल है और खिलाड़ियों की मेहनत का जश्न मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ऐसी बातों को मुद्दा बनाना ठीक नहीं, इससे टीम के 15 खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धि का सम्मान कम होता है।
ईशान किशन का भी आया बयान
इस विवाद पर जब बल्लेबाज ईशान किशन से एयरपोर्ट पर सवाल किया गया, तो उन्होंने हल्के अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि टीम ने इतना बड़ा वर्ल्ड कप जीता है, इसलिए अच्छे सवाल पूछे जाने चाहिए। 'किसने क्या कहा, उस पर मैं क्या बोलूं… कुछ अच्छा सवाल करिए'।
फिलहाल टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत का जश्न जारी है, लेकिन ट्रॉफी को मंदिर ले जाने को लेकर शुरू हुई बहस भी खेल और राजनीति के गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।