बीसीसीआई नमन् अवॉर्ड्स 2026 में शुभमन गिल को पॉली उमरीगर अवॉर्ड देकर साल का बेस्ट इंटरनेशनल क्रिकेटर चुना गया। टी20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर रहने के बावजूद टेस्ट और वनडे में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हे
नई दिल्ली में आयोजित BCCI Naman Awards 2026 में भारतीय क्रिकेट के युवा स्टार Shubman Gill को साल का सबसे बड़ा सम्मान मिला। टी20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर रहने के बावजूद गिल को पॉली उमरीगर अवॉर्ड से नवाजा गया, जो पुरुष क्रिकेट में साल के सर्वश्रेष्ठ इंटरनेशनल खिलाड़ी को दिया जाता है।
दिलचस्प बात यह रही कि जिस साल की शुरुआत उनके लिए मुश्किल रही, उसी साल के प्रदर्शन ने उन्हें यह बड़ा सम्मान दिला दिया। वहीं, महिला क्रिकेट में स्मृति मंधाना को बेस्ट महिला इंटरनेशनल क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया।
साल 2025 में टेस्ट और वनडे में शानदार फॉर्म
साल 2025 शुभमन गिल के लिए खास तौर पर टेस्ट और वनडे क्रिकेट में काफी यादगार रहा। इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने बल्ले से कमाल कर दिया। 10 टेस्ट पारियों में गिल ने 75.40 की औसत से 754 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से चार शानदार शतक भी निकले। यह सीरीज इसलिए भी खास रही क्योंकि यह बतौर कप्तान उनकी पहली टेस्ट सीरीज थी, और गिल ने वहां टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।
चैंपियंस ट्रॉफी में भी दिखा दम
गिल ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी अहम भूमिका निभाई। बांग्लादेश के खिलाफ मैच में उन्होंने नाबाद 101 रन की पारी खेली थी। उस समय वह वनडे क्रिकेट में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज भी थे। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 188 रन बनाए और भारत के खिताब जीतने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
टी20 में खराब फॉर्म का खामियाजा
हालांकि साल 2026 की शुरुआत गिल के लिए अच्छी नहीं रही। टी20 क्रिकेट में लगातार खराब फॉर्म की वजह से उन्हें पहले टीम से बाहर किया गया और फिर आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम में भी जगह नहीं मिल पाई। उस वक्त गिल टीम के उपकप्तान थे, लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें मौका नहीं दिया।
गिल के बिना ही भारत बना चैंपियन
गिल की गैरमौजूदगी में इंडिया ने शानदार प्रदर्शन किया और टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीत लिया। फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी बार और कुल तीसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की।
दिलचस्प बात यह है कि टी20 में जगह न मिलने के बावजूद गिल का टेस्ट और वनडे प्रदर्शन इतना दमदार रहा कि साल के अंत में वही सबसे बड़े सम्मान के हकदार बन गए।