अल्बानिया में आयोजित विश्व रैंकिंग कुश्ती में मप्र की प्रियांशी ने रजत और 19 वर्षीय मुस्कान ने कांस्य पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया।
इंदौर। विदेशी धरती पर तिरंगा जब ऊंचा उठता है तो उसका गर्व अलग ही होता है। अल्बानिया में चल रही विश्व रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश की दो युवा पहलवानों ने ऐसा ही पल देश को दिया है। किसी ने फाइनल तक का सफर तय किया, तो किसी ने हार के बाद भी हौसला नहीं छोड़ा, और पदक अपने नाम किया।
विश्व रैंकिंग कुश्ती में प्रियांशी का शानदार सफर
मध्यप्रदेश की प्रियांशी ने अल्बानिया में आयोजित मुहामेत मालो रैंकिंग सीरीज 2026 में रजत पदक जीतकर सबका ध्यान खींचा। सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने अमेरिकी पहलवान को दमदार अंदाज में कलाजंग मारते हुए शिकस्त दी। मुकाबला देखते ही बन रहा था, जहां प्रियांशी का आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
फाइनल में ओलंपिक मेडलिस्ट से भिड़ंत
फाइनल में प्रियांशी का सामना कजाकिस्तान की ओलंपिक मेडलिस्ट पहलवान से हुआ। मुकाबला आसान नहीं था, अंततः 13-2 से हार के साथ उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह उनकी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. इंदौर मप्र कुश्ती संघ के विक्रम अवॉर्डी ओमप्रकाश खत्री और ओलंपियन पप्पू यादव ने इस प्रदर्शन को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताया।
मुस्कान ने कांस्य किया पक्का
19 वर्षीय भारतीय पहलवान मुस्कान, जो अंडर-17 की पूर्व विश्व चैंपियन रह चुकी हैं, ने भी निराश नहीं किया। कांस्य पदक मुकाबले में उन्होंने अमेरिका की केंद्रा रयान को 10-0 से हराकर पदक अपने नाम किया।
हार के बाद भी नहीं टूटा हौसला
सेमीफाइनल में मुस्कान को जेनिप बयानोवा से 12-1 से हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन इसके बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी की। यह मुस्कान का इसी महीने दूसरा रैंकिंग सीरीज पदक है, जो उनके लगातार बेहतर होते प्रदर्शन को दर्शाता है।
कुश्ती संघ और परिवार में खुशी
इस उपलब्धि पर मप्र कुश्ती संघ के अध्यक्ष नारायण यादव, ओलंपियन पप्पू यादव, ओमप्रकाश खत्री, उज्जैन जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष उमेश ठाकुर सहित कई खेल प्रेमियों ने दोनों पहलवानों को बधाई दी। प्रियांशी के पिता और प्रशिक्षक मुकेश प्रजापत ने कहा कि यह उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पांचवीं बड़ी उपलब्धि है, और आगे और बेहतर की उम्मीद है।