पाकिस्तान के गेंदबाज असद अख्तर की लंबी नो-बॉल पर विवाद। सोशल मीडिया पर स्पॉट फिक्सिंग की आशंका, मोहम्मद आमिर केस से तुलना तेज।
पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। घरेलू टी20 टूर्नामेंट के दौरान तेज गेंदबाज Asad Akhtar Pakistani cricketer की एक असामान्य नो-बॉल ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। इस घटना के बाद क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों ने इसे लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
ओवरस्टेपिंग ने खड़े किए सवाल
पाकिस्तान के नेशनल टी20 कप में कराची ब्लूज़ की ओर से गेंदबाजी करते हुए असद अख्तर ने एक ऐसी नो-बॉल फेंकी, जिसमें उनका फ्रंट फुट क्रीज से काफी आगे निकल गया।
यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और क्रिकेट फैंस ने इसे “क्रिकेट इतिहास की सबसे लंबी नो-बॉल” तक कह दिया।
मोहम्मद आमिर केस से तुलना
इस घटना की तुलना तुरंत Mohammad Amir Pakistani cricketer के 2010 के स्पॉट फिक्सिंग मामले से की जाने लगी। उस समय इंग्लैंड दौरे पर नो-बॉल विवाद ने बड़ा घोटाला उजागर किया था, जिसमें कई पाकिस्तानी खिलाड़ी शामिल पाए गए थे।
सोशल मीडिया पर फिक्सिंग के आरोप
नो-बॉल के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने स्पॉट फिक्सिंग की आशंका जताई, गेंदबाज की मंशा पर सवाल उठाए, मैच की निष्पक्षता पर बहस शुरू कर दी हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी आधिकारिक जांच या पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।
पूर्व खिलाड़ियों ने भी उठाए सवाल
पूर्व पाकिस्तानी ऑलराउंडर Abdul Razzaq Pakistani cricketer ने भी पुराने स्पॉट फिक्सिंग मामले का जिक्र करते हुए बताया कि 2010 का विवाद किस तरह सामने आया था। उन्होंने खुलासा किया कि उस समय टीम के भीतर भी इस मामले को लेकर तनाव की स्थिति बन गई थी।
क्या कहता है नियम?
क्रिकेट के नियमों के अनुसार, गेंदबाज का फ्रंट फुट क्रीज के पीछे होना चाहिए। यदि वह आगे निकलता है, तो उसे नो-बॉल करार दिया जाता है। लेकिन इस तरह की “अत्यधिक ओवरस्टेपिंग” आमतौर पर देखने को नहीं मिलती, जिससे संदेह और गहरा गया है।