Breaking News
  • भारत की लगातार दूसरी जीत, इटली पहली बार जीता, श्रीलंका 105 रन से नेपाल को हराया
  • दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्टों की रैंकिंग में भारत का पासपोर्ट 75वें स्थान पर पहुंचा
  • बांग्लादेश चुनाव में हिंसा- एक की मौत, दो वोटिंग सेंटर के बाहर बम धमाके
  • चांदी आज 5,835 गिरकर 2.61 लाख किलो हुई, सोना 1,175 गिरकर1.56 लाख पर आया
  • हरिद्वार-ऋषिकेश के मंदिरों में फटी जींस-स्कर्ट में नहीं मिलेगी एंट्री
  • बांग्लादेश में चुनाव की पूर्व संध्या पर एक और हिंदू की हत्या
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देंगी
  • बांग्लादेश में वोटिंग जारी, सुबह-सुबह मतदान केंद्रों पर वोटर्स की लंबी कतार
  • नई श्रम संहिता के खिलाफ देशभर में हड़ताल पर ट्रेड यूनियन, आज भारत बंद

होम > खेल

एक नहीं, तीन हार के जिम्मेदार! जानिए किन गलतियों से हाथ से फिसली लॉर्ड्स टेस्ट की जीत

एक नहीं, तीन हार के जिम्मेदार! जानिए किन गलतियों से हाथ से फिसली लॉर्ड्स टेस्ट की जीत

एक नहीं तीन हार के जिम्मेदार जानिए किन गलतियों से हाथ से फिसली लॉर्ड्स टेस्ट की जीत

IND vs ENG Highlights: लॉर्ड्स टेस्ट में टीम इंडिया ने आखिरी दम तक संघर्ष किया, लेकिन जीत से महज़ 22 रन दूर रह गई। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में 193 रनों का छोटा लक्ष्य भी भारत पार नहीं कर सका। रवींद्र जडेजा ने एक सच्चे योद्धा की तरह मोर्चा संभाला, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें कोई साथ नहीं मिला। एक समय 82 रन पर 7 विकेट गंवाने के बाद भी भारत मैच में बना रहा, लेकिन आखिरकार उसे हार का सामना करना पड़ा। सवाल उठता है कि वो कौन सी बड़ी गलतियाँ थीं जिनकी वजह से टीम इंडिया के हाथ से जीत फिसल गई? आइए जानते हैं लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की हार के तीन सबसे बड़े विलेन कौन थे...

लॉर्ड्स की अग्निपरीक्षा में फ्लॉप रहे यशस्वी जायसवाल

सीरीज में अब तक एक शतक और एक अर्धशतक जड़ चुके यशस्वी जायसवाल से लॉर्ड्स टेस्ट में बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे इस चुनौतीपूर्ण पिच पर असफल साबित हुए। दोनों पारियों में वे सिर्फ 13 रन ही बना सके। उनकी नाकामी ने टीम इंडिया को शुरुआती झटका दिया। बाकी बल्लेबाजों पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया, जिसका असर पूरी पारी पर दिखाई दिया।

नाइट वॉचमैन भेजना पड़ा टीम इंडिया को भारी

चौथे दिन जब इंग्लैंड की दूसरी पारी 192 रन पर सिमटी, तो भारत के पास मैच में वापसी का मौका था। जैसे ही भारत ने आकाशदीप को नाइट वॉचमैन बनाकर बल्लेबाजी के लिए भेजा। वहीं से टीम का रुख रक्षात्मक दिखने लगा। आकाशदीप आखिरी ओवर में क्लीन बोल्ड हो गए। भारत ने बिना किसी रणनीतिक आक्रामकता के दिन का अंत किया। इस मोड़ पर ऋषभ पंत, वाशिंगटन सुंदर या नीतीश रेड्डी जैसे बल्लेबाजों को भेजकर इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया जा सकता था। इस गलत फैसले ने इंग्लैंड को मानसिक बढ़त दे दी।

कप्तान शुभमन गिल का फीका प्रदर्शन

टीम के कप्तान का आत्मविश्वास पूरी टीम पर असर डालता है, लेकिन लॉर्ड्स टेस्ट में शुभमन गिल दबाव में दिखे। दोनों पारियों में उनका बल्ला खामोश रहा। वह कुल मिलाकर सिर्फ़ 22 रन ही बना सके। दूसरी पारी में तो हालात और भी बुरे हो गए, जब वह सिर्फ़ 9 गेंदों पर बुरी तरह जूझते दिखे और ज़्यादातर गेंदों पर बीट होते रहे। गिल की इस नाकामी का असर टीम इंडिया की बैटिंग लाइनअप पर भी पड़ा। पूरी टीम का मनोबल कमज़ोर हो गया।

Related to this topic: