आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच रिंकू सिंह पारिवारिक आपात स्थिति में घर लौट आए हैं। पिता आईसीयू में भर्ती है। घर लौटने के चलते जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में खेलना संदिग्ध।
नई दिल्लीः भारतीय टीम के मध्यक्रम बल्लेबाज रिंकू सिंह अचानक टी-20 वर्ल्ड कप कैंप छोड़कर घर लौट आए हैं। पारिवारिक आपात स्थिति के चलते उन्हें चेन्नई से सीधे अलीगढ़ आना पड़ा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक उनके पिता की तबीयत बेहद नाजुक है, जिसके कारण रिंकू को टीम से अलग होना पड़ा।
पिता की हालत गंभीर, आईसीयू में इलाज
एजेंसी रिपोर्ट के अनुसार रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें चौथे चरण का लिवर कैंसर है और हाल ही में तबीयत अचानक बिगड़ने पर ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमेगा-1 स्थित यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल वे आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। सूचना मिलते ही रिंकू सुबह अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली। उन्होंने कई घंटे अपने पिता के साथ बिताए।
जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच पर संशय
भारत को 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ अहम मुकाबला खेलना है। यह मैच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में होना है। हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए रिंकू का इस मैच में उतरना तय नहीं माना जा रहा। मंगलवार को हुए अभ्यास सत्र में भी उन्होंने हिस्सा नहीं लिया, जबकि टीम के अन्य खिलाड़ी नेट्स पर नजर आए।
टूर्नामेंट में नहीं चला बल्ला
टीम इंडिया में फिनिशर की भूमिका निभाने वाले रिंकू सिंह का यह वर्ल्ड कप अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। पांच मैचों में वे कुल 24 रन ही बना सके हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले मुकाबले में वे खाता भी नहीं खोल पाए थे। उनका स्कोर क्रमश: 6, 1, 11, 6 और 0 रहा है। पाकिस्तान और नीदरलैंड के खिलाफ वे नाबाद जरूर लौटे, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके।
संघर्षों से भरा रहा बचपन
रिंकू सिंह का शुरुआती जीवन बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनके पिता गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, इसलिए भाइयों को भी काम में हाथ बंटाना पड़ता था। रिंकू और उनके भाई बाइक पर सिलेंडर रखकर घर-घर सप्लाई करते थे। मोहल्ले के दोस्तों के साथ मिलकर पैसे जोड़कर क्रिकेट की गेंद खरीदी जाती थी। आज वही संघर्ष उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक लेकर आया।