कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने एक दिन में 8 स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। बॉक्सिंग में रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ कई एथलीटों ने देश का गौरव बढ़ाया।
ग्लासगो में शनिवार भारतीय खिलाड़ियों के नाम रहा। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के 10वें दिन अपने अभियान का सबसे शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन में 8 स्वर्ण पदक जीतकर मेडल तालिका में मजबूत दावेदारी पेश की और बॉक्सिंग में ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो पहले कभी नहीं बना था।
सात गोल्ड बॉक्सिंग से आए जबकि एक स्वर्ण पैरा शॉटपुट में मिला। ट्रैक एंड फील्ड और जूडो में भी भारत ने पदक जीतकर दिन का अंत यादगार बना दिया। यह प्रदर्शन आने वाले मुकाबलों के लिए भी भारतीय दल का मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
बॉक्सिंग ने लिखा नया इतिहास
भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही संस्करण में बॉक्सिंग से 7 गोल्ड मेडल जीते। महिला वर्ग में प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने फाइनल जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किए। पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने भी गोल्ड जीतकर भारतीय मुक्केबाजी की ताकत साबित की। वहीं लवलीना बोरगोहेन, जादुमणि और नरेंद्र बेरवाल को सिल्वर से संतोष करना पड़ा।
पैरा एथलेटिक्स और ट्रैक में भी मिला बड़ा फायदा
पैरा शॉटपुट की एफ-57 स्पर्धा में सोमन राणा ने सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए गोल्ड जीता। इसी स्पर्धा में शुभम जुयाल ने सिल्वर हासिल किया। पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने ब्रॉन्ज जीतकर इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही संस्करण में 5000 और 10000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए।
ट्रिपल जंप ने बढ़ाई मेडल संख्या
पुरुष ट्रिपल जंप में भी भारत ने दो पदक अपने नाम किए। प्रवीण चित्रावेल ने सिल्वर और सेल्वा प्रभु ने ब्रॉन्ज जीतकर एथलेटिक्स में भारत की झोली और भर दी। महिलाओं के 63 किलोग्राम जूडो वर्ग में उन्नति शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज अपने नाम किया। हालांकि महिला 10000 मीटर रेस वॉक में रवीना गायकवाड़ नियम उल्लंघन के कारण डिस्क्वालिफाई हो गईं और पैरा 1500 मीटर टी-54 में रमेश शनमुगम सातवें स्थान पर रहे।
कई मुकाबलों में दिखा भारतीय खिलाड़ियों का दम
अंकुश पंघाल ने इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को 4-1 से हराकर गोल्ड जीता। सचिन सिवाच ने आखिरी राउंड में शानदार वापसी करते हुए नामीबिया के ट्राईगेन मॉर्निंग नडेवेलो को 3-2 से हराया। अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड की कैंथले रीड को 5-0 से मात दी। प्रिया घंघास ने कड़े मुकाबले में 4-1 से जीत दर्ज की जबकि साक्षी चौधरी, प्रीति पवार और जैस्मिन लांबोरिया ने अपने-अपने फाइनल एकतरफा अंदाज में जीतकर भारत के लिए स्वर्ण सुनिश्चित किए।
भारतीय दल का बढ़ा मनोबल
एक ही दिन में 8 गोल्ड जीतना सिर्फ मेडल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहा। बॉक्सिंग में रिकॉर्ड प्रदर्शन और एथलेटिक्स में लगातार मिल रहे पदकों ने यह संकेत दिया कि भारतीय खिलाड़ी कई खेलों में लगातार मजबूत दावेदार बन चुके हैं। ग्लासगो में मिला यह प्रदर्शन भारतीय खेलों के लिए यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गया।