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India 600th Test vs Sri Lanka

भारत का 600वां टेस्ट: श्रीलंका के खिलाफ गॉल में अग्निपरीक्षा, जीत से बनेगा खास रिकॉर्ड

भारत 15 अगस्त से गॉल में श्रीलंका के खिलाफ 600वां टेस्ट खेलेगा। स्पिन, बारिश और चोटों के बीच टीम के सामने जीत की बड़ी चुनौती है।


भारत का 600वां टेस्ट श्रीलंका के खिलाफ गॉल में अग्निपरीक्षा जीत से बनेगा खास रिकॉर्ड

Cricket News |

भारत 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में अपना 600वां टेस्ट मैच खेलेगा। सुबह 10 बजे शुरू होने वाला यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए कई मायनों में अहम है। एक तरफ टीम के सामने ऐतिहासिक 600वें टेस्ट को जीत के साथ यादगार बनाने का मौका है, तो दूसरी ओर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की दौड़ में वापसी के लिए भी हर जीत जरूरी है।

हाल के समय में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली हार के बाद भारतीय टीम डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में पांचवें स्थान पर खिसक गई है। अब श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में टीम पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव है। भारत यह टेस्ट जीतता है तो सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने के मामले में वेस्टइंडीज की बराबरी कर लेगा।

श्रीलंका के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड मजबूत

भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ अब तक 46 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें 22 मुकाबलों में भारत को जीत मिली है, जबकि सात में हार का सामना करना पड़ा। 17 मैच ड्रॉ रहे हैं। यानी श्रीलंका के खिलाफ भारत की जीत का प्रतिशत करीब 48 फीसदी है। हालांकि, श्रीलंकाई जमीन पर आंकड़े थोड़े अलग हैं। भारत ने वहां 24 टेस्ट खेले हैं, जिनमें नौ में जीत मिली और सात में हार का सामना करना पड़ा। आठ मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। श्रीलंका में भारत का जीत प्रतिशत करीब 38 फीसदी है।

गॉल की स्पिन पिच सबसे बड़ी चुनौती

गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच परंपरागत रूप से स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। इस मैदान पर अब तक 49 टेस्ट खेले गए हैं और करीब 68 फीसदी विकेट स्पिनर्स ने हासिल किए हैं। 26 मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि 16 मुकाबलों में पहले गेंदबाजी करने वाली टीम विजयी रही है। भारतीय बल्लेबाजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसी स्पिन ट्रैक पर बल्लेबाजी की होगी। टीम ने हाल ही में ग्रासी पिच पर वॉर्मअप मैच खेला है, जबकि गॉल की परिस्थितियां इससे बिल्कुल अलग बताई जा रही हैं। 2021 के बाद से भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ भी संघर्ष करना पड़ा है।

चोटों ने बढ़ाई टीम इंडिया की मुश्किल

भारतीय टीम इस दौरे पर कई प्रमुख खिलाड़ियों की चोट से भी जूझ रही है। जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, साई सुदर्शन और हर्षित राणा जैसे नियमित खिलाड़ी चोटिल हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम में सारांश जैन और गुरनूर बरार जैसे नए खिलाड़ियों को मौका मिला है। कप्तान शुभमन गिल समेत 12 भारतीय खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्होंने श्रीलंका में अब तक एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है। टीम के केवल चार खिलाड़ियों के पास श्रीलंकाई जमीन पर टेस्ट खेलने का अनुभव है। ऐसे में परिस्थितियों से जल्दी तालमेल बैठाना भी टीम के लिए अहम होगा।

सरफराज, सिराज और सारांश जैन पर रहेंगी नजरें

सरफराज खान करीब दो साल बाद टेस्ट टीम में वापसी कर रहे हैं। चेतेश्वर पुजारा के बाद नंबर-3 पर भारत को अब तक कोई स्थायी बल्लेबाज नहीं मिला है। ऐसे में सरफराज के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी। जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में मोहम्मद सिराज तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करेंगे। वहीं, सारांश जैन के सामने भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। ऑफ स्पिन गेंदबाजी करने वाले सारांश से वॉशिंगटन सुंदर की भूमिका निभाने की उम्मीद होगी। रविचंद्रन अश्विन के बाद टीम को एक विशेषज्ञ स्पिनर की तलाश भी रही है, हालांकि सुंदर टीम के नियमित सदस्यों में शामिल हैं।

गॉल में बारिश भी डाल सकती है खलल

गॉल टेस्ट में मौसम भी भारतीय टीम की परीक्षा ले सकता है। पूर्वानुमान के मुताबिक मैच के पांचों दिन बारिश की संभावना जताई गई है। पहले दिन बारिश की संभावना 82 फीसदी तक बताई गई है। ऐसे में मौसम का असर मैच के नतीजे पर भी पड़ सकता है।

गिल बोले- 600वें टेस्ट में कप्तानी करना सम्मान की बात

मैच से पहले कप्तान शुभमन गिल ने 600वें टेस्ट में भारतीय टीम की कप्तानी करने को सम्मान की बात बताया। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में वापसी के लिए भारत को करीब छह से सात टेस्ट जीतने की जरूरत है। गिल ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में तुरंत ढलना आसान नहीं होता। टेस्ट सीरीज से पहले एक सप्ताह से 10 दिन की तैयारी मिलना टीम के लिए काफी मददगार होता है।

भारत के सामने वापसी का दबाव, श्रीलंका भी तैयार

गॉल का यह मुकाबला भारत के लिए सिर्फ 600वें टेस्ट का जश्न नहीं है। टीम को डब्ल्यूटीसी की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए श्रीलंका के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इस सीरीज के बाद भारत को नवंबर में न्यूजीलैंड के चुनौतीपूर्ण दौरे पर जाना है और अगले साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज खेलनी है। ऐसे में आगे के कठिन मुकाबलों से पहले श्रीलंका के खिलाफ जीत टीम का आत्मविश्वास बढ़ा सकती है। भारत ने नौ साल पहले श्रीलंका का दौरा किया था और तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में एकतरफा जीत हासिल की थी। इस बार भी टीम से उसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

दूसरी ओर, श्रीलंका भी डब्ल्यूटीसी की रेस में बना हुआ है और अंक तालिका में भारत के ठीक पीछे छठे स्थान पर है। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर मेजबान टीम भी अपने खाते में अहम अंक जोड़ना चाहेगी। हालांकि, श्रीलंका को स्टार बल्लेबाज कुसल मेंडिस की हैमस्ट्रिंग चोट के कारण कमी खलेगी। उनकी जगह अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज निरोशन डिकवेला की टीम में वापसी हुई है। करीब तीन साल बाद टेस्ट जर्सी में लौट रहे डिकवेला अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से श्रीलंकाई मध्यक्रम को मजबूती दे सकते हैं।

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