ग्वालियर की अनुष्का शर्मा ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में डेब्यू कर इतिहास रचा। संघर्ष और मेहनत से टीम इंडिया तक पहुंचकर बेटियों के लिए बनी प्रेरणा।
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर की युवा क्रिकेटर अनुष्का शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखकर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर टी-20 सीरीज के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम में चयन के साथ ही उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और अब वह देशभर की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
पहले ही मैच में मिला मौका
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले में ही अनुष्का शर्मा को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। इस अवसर पर टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने उन्हें टीम इंडिया की कैप सौंपी। नीली जर्सी पहनकर मैदान पर उतरना उनके करियर का एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण क्षण रहा।
संघर्ष और मेहनत से मिली सफलता
अनुष्का शर्मा का क्रिकेट सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने कई चुनौतियों का सामना करते हुए यह मुकाम हासिल किया है। कोरोना काल के दौरान जब खेल गतिविधियां बंद थीं, तब उनके पिता बृजमोहन शर्मा ने घर की छत पर अभ्यास की व्यवस्था की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी।
बीमारी से उबरकर किया मजबूत कमबैक
वर्ष 2022 में डेंगू जैसी गंभीर बीमारी ने उनके करियर को प्रभावित किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। स्वास्थ्य में सुधार के बाद उन्होंने दोबारा अभ्यास शुरू किया और अपनी फिटनेस व प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया।
घरेलू क्रिकेट और WPL में शानदार प्रदर्शन
अनुष्का ने एमपीएल 2025 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता और अपनी टीम को कई अहम जीत दिलाई। इसके अलावा, महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में गुजरात जायंट्स की ओर से 45 लाख में खरीदी जाने वाली सबसे महंगी अनकैप्ड खिलाड़ी बनीं।
महिला क्रिकेट अकादमी का योगदान
उनकी सफलता के पीछे मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महिला क्रिकेट अकादमी का भी अहम योगदान रहा है। यहां उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिला, जिसने उनके खेल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नेतृत्व क्षमता भी साबित
अनुष्का शर्मा ने अंडर-19 और सीनियर स्तर पर टीम की कप्तान और उपकप्तान के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने अपने प्रदर्शन के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता से भी प्रभावित किया है।