Breaking News
  • उत्तर प्रदेश में 24 और IAS के ट्रांसफर, 10 DM बदले, 18 घंटे में 64 अफसरों के तबादले
  • JEE मेन सेशन 2 रिजल्ट घोषित: 26 कैंडिडेट्स को 100 पर्सेंटाइल
  • जम्मू के उधमपुर में सड़क हादसा, 21 की मौत
  • तमिलनाडु में ₹1,200 करोड़ से ज्यादा के कैश-गोल्ड और फ्रीबीज जब्त
  • जज को केस से हटाने वाली केजरीवाल की याचिका खारिज
  • तेज गर्मी के चलते योगी सरकार ने 8वीं तक के परिषद स्कूलों की टाइमिंग बदली

होम > खेल

लॉर्ड्स टेस्ट में गेंद विवाद के बाद ड्यूक्स कंपनी सतर्क, अब होंगे बड़े बदलाव

लॉर्ड्स टेस्ट में गेंद विवाद के बाद ड्यूक्स कंपनी सतर्क, अब होंगे बड़े बदलाव


लॉर्ड्स टेस्ट में गेंद विवाद के बाद ड्यूक्स कंपनी सतर्क अब होंगे बड़े बदलाव

Dukes to review balls used in IND vs ENG Tests: क्रिकेट की दुनिया में ड्यूक्स गेंदों की पहचान हमेशा से उनकी मजबूती और स्विंग के लिए रही है। खासकर इंग्लैंड में खेले जाने वाले टेस्ट मैचों में इन गेंदों की अहम भूमिका होती है। भारत और इंग्लैंड के बीच हाल ही में खेले गए टेस्ट मुकाबलों में इनकी गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं।लॉर्ड्स टेस्ट में गेंद का अचानक नर्म पड़ जाना चर्चा में रहा, जिस पर अब खुद ड्यूक्स कंपनी ने गंभीरता दिखाई है । आइए जानते हैं कि इसको लेकर कंपनी ने क्या नए बदलाव करने का फैसला लिया है।

बार-बार बदलनी पड़ी गेंद

लॉर्ड्स टेस्ट जितना रोमांचक रहा, उतना ही विवादों से भी घिरा रहा। इस मैच में ड्यूक गेंदों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे। खासकर भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने इस पर खुलकर अपनी नाराजगी जताई। टेस्ट के दूसरे दिन नई गेंद का आकार सिर्फ़ 10 ओवर में ही बिगड़ गया, जिसके कारण अंपायरों को गेंद बदलनी पड़ी। हैरानी की बात यह रही कि बदली हुई गेंद भी सिर्फ़ 8-9 ओवर में ही फिर से नरम हो गई, जिसके कारण उसे फिर से बदलना पड़ा। इस घटना ने ड्यूक गेंदों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ड्यूक्स की क्वालिटी पर उठे थे सवाल

ड्यूक गेंदों को लेकर विवाद सिर्फ़ भारतीय खेमे तक सीमित नहीं रहा। इंग्लैंड के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ स्टुअर्ट ब्रॉड ने भी इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। लगातार आलोचना के बाद गेंद बनाने वाली कंपनी ब्रिटिश बॉल कंपनी लिमिटेड अब दबाव में है। उसने गेंदों की व्यापक समीक्षा की घोषणा की है। कंपनी के मालिक दीपक जाजोदिया ने कहा कि वे इस्तेमाल की हुई गेंदों को वापस लेकर उनकी जाँच करेंगे। फिर कच्चे माल की आपूर्ति से जुड़े सभी पक्षों से बातचीत की जाएगी।

ECB करेगा जांच में सहयोग

इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) भी गेंदों की समीक्षा में सक्रिय है। जजोडिया ने बताया कि ईसीबी इस सीरीज़ में इस्तेमाल की गई सभी गेंदों को इकट्ठा करके उनकी कंपनी को सौंप देगा। जाँच के बाद ज़रूरत पड़ने पर निर्माण प्रक्रिया में बदलाव किए जाएँगे।