Breaking News
  • उत्तर प्रदेश में 20 हजार पदों पर आउटसोर्स भर्तियां होंगी, 426 करोड़ बजट बढ़ा
  • कुबेरेश्वर में 14 फरवरी से रुद्राक्ष महोत्सव- रुद्राक्ष नहीं बंटेंगे, पहली बार 2.5 किमी का पैदल कॉरिडोर
  • विदिशा में 30 फीट गहरे तालाब में गिरी कार, 3 बारातियों की मौत 7 घायल
  • राजस्थान- शादी समारोह में एसिड पीने से 4 की मौत, मृतकों में तीन महिलाएं भी शामिल
  • प्रधानमंत्री ऑफिस आज सेवा तीर्थ में शिफ्ट होगा, साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट मीटिंग
  • टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे बड़ी जीत:, 47वीं बार 200+ स्कोर बनाया
  • बांग्लादेश चुनाव में BNP की जीत पर PM मोदी ने तारिक रहमान को बधाई दी
  • दिल्ली के कई स्कूलों को बम की धमकी, पुलिस ने जांच शुरू की

होम > खेल

FIDE वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी, दिव्या और कोनेरू की चीनी खिलाड़ियों से होगी भिड़ंत..

FIDE वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी, दिव्या और कोनेरू की चीनी खिलाड़ियों से होगी भिड़ंत...

fide वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी दिव्या और कोनेरू की चीनी खिलाड़ियों से होगी भिड़ंत

Two Indian Women Create History : भारतीय महिला शतरंज को FIDE विमेंस वर्ल्ड कप 2025 में बड़ी सफलता मिली है। जॉर्जिया के बटुमी में चल रहे टूर्नामेंट में कोनेरु हम्पी और दिव्या देशमुख दोनों सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। यह पहली बार है जब दो भारतीय महिला खिलाड़ी एक साथ इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के टॉप-4 में पहुंची हैं।

हरिका को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचीं दिव्या देशमुख

सोमवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में दिव्या देशमुख ने हमवतन ग्रैंडमास्टर हरिका द्रोणावल्ली को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। दोनों के क्लासिकल मुकाबले ड्रॉ रहे, जिसके बाद फैसला टाई ब्रेक में हुआ। यहां दिव्या ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दोनों बाजियां अपने नाम कीं। अब सेमीफाइनल में उनका मुकाबला चीन की तान झोंगयी से होगा।

कोनेरू हम्पी ने सॉन्ग युक्सिन को दी मात

कोनेरू हम्पी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चीन की सॉन्ग युक्सिन को हराकर FIDE विमेंस वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। उन्होंने पहला गेम जीतकर बढ़त बनाई, जबकि दूसरा गेम ड्रॉ रहा। अब सेमीफाइनल मुकाबले में हम्पी का सामना एक और चीनी खिलाड़ी लेई टिंगजी से होगा।

चार भारतीयों ने किया क्वार्टर फाइनल में प्रवेश

FIDE विमेंस वर्ल्ड कप 2025 में भारत के लिए यह टूर्नामेंट ऐतिहासिक साबित हुआ है। पहली बार चार भारतीय महिला खिलाड़ी कोनेरू हंपी, हरिका द्रोणवल्ली, आर. वैशाली और दिव्या देशमुख ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। यह भारतीय महिला शतरंज के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

तान झोंगयी से हारकर बाहर हुईं वैशाली रमेशबाबू

आर. वैशाली का सफर क्वार्टर फाइनल में आकर थम गया। उन्हें चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी तान झोंगयी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले वैशाली ने प्री-क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान की मेरुएर्त कमालिदेनोवा को हराकर अंतिम आठ में प्रवेश किया था।